अमरोहा जनपद के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों ने शनिवार को अपनी तीन सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर प्रभारी मंत्री के.पी. मलिक को ज्ञापन सौंपा। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार से अन्य राज्यों की तर्ज पर नियमितीकरण और समान कार्य-समान वेतन लागू करने की अपील की।
प्रभारी मंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में कर्मचारियों ने बताया कि प्रदेश भर में लगभग 1.50 लाख संविदा कर्मचारी पिछले 15 वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बने हुए हैं। ग्रामीण अंचलों से लेकर शहरों तक सरकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

कर्मचारियों ने कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर फ्रंटलाइन पर काम करने का भी हवाला दिया। इसके बावजूद, वे आज भी अपने भविष्य को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
संगठन ने सरकार के सामने तीन मुख्य मांगें रखी हैं:
1. **नियमितीकरण व समान वेतन:** राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा और बिहार जैसे राज्यों की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाए।
2. **महंगाई भत्ता (DA):** बढ़ती महंगाई को देखते हुए संविदा कर्मियों को भी महंगाई भत्ते का लाभ दिया जाए।
3. **स्वास्थ्य बीमा:** स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत होने के बावजूद इन कर्मचारियों के पास स्वयं का कोई ठोस स्वास्थ्य बीमा कवर नहीं है, जिसे तत्काल लागू करने की मांग की गई।
ज्ञापन सौंपने वालों में जिला महामंत्री कुलदीप शर्मा, मोहित विश्नोई, प्रशांत कुमार, दीपा यादव, अनामिका चौधरी, संदीप, सुनील, मुस्कान, संदीप सैनी, डॉ. परवेज, डॉ. शीरीन और रविशंकर सहित कई कर्मचारी शामिल रहे। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो वे आगे की रणनीति बनाने को मजबूर होंगे।


