Saturday, September 26, 2026
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प्रधानमंत्री की ‘हग्लोमैसी’ ने भारत को कूटनीतिक रूप से अलग-थलग किया: कांग्रेस

पटना. कांग्रेस ने बुधवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की “हग्लोमैसी” (गले मिलने की कूटनीति) उलटी पड़ गई है और इसने भारत को कूटनीतिक रूप से अलग-थलग कर दिया है. पार्टी की विस्तारित कार्य समिति की बैठक में विदेश नीति को लेकर विस्तार से चर्चा की गई और बैठक में पारित प्रस्ताव में आरोप लगाया गया कि मोदी सरकार में भारत की विदेश नीति ध्वस्त हो चुकी है.

सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ लगाने और एच1बी वीजा से जुड़े उनके कदमों की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा और कहा कि विदेश नीति निजी “दोस्ती” से तय नहीं होनी चाहिए. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी ट्रंप के ताजा बयानों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर कटाक्ष किया और कहा कि प्रधानमंत्री जिन्हें “मेरे दोस्त” बताकर ढिंढोरा पीटते हैं, वही दोस्त आज भारत को अनेक संकटों में डाल रहे हैं.

कांग्रेस कार्य समिति के प्रस्ताव में कहा गया है, “कार्य समिति भारत की विदेश नीति के ध्वस्त हो जाने को लेकर बेहद चिंतिंत है.” कार्य समिति ने दावा किया, “आज़ादी के बाद सभी आने वाली सरकारों ने देश की रणनीतिक स्वायत्तता की सावधानीपूर्वक रक्षा की है, जिसे अब यह सरकार लापरवाही से कभी अमेरिका को खुश करने और कभी चीन की ओर झुकने के फैसलों के बीच झूलते हुए बर्बाद कर रही है.” उसके मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप बार-बार दावा कर रहे हैं कि उन्होंने अमेरिका के साथ व्यापार को सौदेबाजी के हथकंडे के तौर पर इस्तेमाल करके भारत को मई, 2025 में ऑपरेशन सिंदूर तुरंत रोकने के लिए मजबूर किया, लेकिन इस दावे पर मोदी सरकार ने ईमानदारी से जवाब देने तक से इनकार कर दिया है.

प्रस्ताव में कहा गया है, “इस सौदेबाजी के बावजूद, राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी बाज.ार में भारतीय निर्यातों पर भारी टैरिफ लगा दिया, जिससे उन प्रमुख उद्योगों को भारी तबाही का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें हमारे लाखों श्रमिक कार्यरत हैं.” कार्य समिति ने कहा कि सरकार ने अमेरिका द्वारा सैकड़ों भारतीयों को अपमानित होने दिया, उन्हें हथकड़ी लगाकर, सैन्य विमान में बिठाकर अमेरिका से भारत वापस भेजा गया.

उसने इस बात का उल्लेख भी किया, “इसके तुरंत बाद, राष्ट्रपति ट्रंप ने गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और एप्पल जैसी अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियों से भारतीयों को नौकरी पर न रखने की अपील की. अब, एच1बी वीजा नीति में ट्रंप प्रशासन द्वारा किए गए शत्रुतापूर्ण बदलावों के कारण अमेरिका में लाखों भारतीय नागरिकों का भविष्य खतरे में पड़ गया है.” कार्य समिति ने कहा, “इस संकट को दूर करने की कोशिश में सरकार का बीजिंग की ओर हालिया प्रतिक्रियावादी झुकाव रोग से भी अधिक बदतर इलाज की तरह है. चीन हमारी क्षेत्रीय अखंडता, राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है.” उसने चीन के साथ सीमा पर तनाव का उल्लेख करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री ने 19 जून 2020 को शर्मनाक रूप से चीन को क्लीन चिट दी थी, जब उन्होंने बेशर्मी से दावा किया था कि “न तो कोई हमारी सीमा में घुस आया है, न ही कोई घुसा हुआ है.” प्रस्ताव में दावा किया गया है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तानी सेना में चीनी सैन्य अधिकारियों और हथियार प्रणालियों का गहरा एकीकरण देखने को मिला, जो हमारे क्षेत्र की रणनीतिक घेराबंदी का गंभीर खतरा प्रस्तुत करता है.

कार्य समिति ने कहा कि आर्थिक दृष्टि से, पिछले पांच वर्षों में दोगुने हो चुके ब­ढ़ते चीनी आयात ने भारत को चीन पर खतरनाक रूप से निर्भर बना दिया है, जो कूटनीतिक लाभ के लिए व्यापार को हथियार बनाने के लिए हमेशा तैयार रहता है. प्रस्ताव में कहा गया है कि नेपाल में ताजा उपद्रव, हमारे पड़ोस में जारी अशांति की स्थिति और मालदीव, म्यांमा, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसे हमारे पारंपरिक सहयोगियों का चीन के प्रति रणनीतिक झुकाव भी हमारे राष्ट्रीय हितों के लिए विनाशकारी है.

इसमें कहा गया, ”प्रधानमंत्री मोदी की “हग्लोमैसी” (गले मिलने की कूटनीति) उलटी पड़ गई है.” कार्य समिति ने दावा किया कि प्रधानमंत्री की इस कूटनीति ने भारत की स्थिति को मजबूत करने के बजाय, कूटनीतिक रूप से अलग-थलग कर दिया है और अपने राष्ट्रीय हितों को सुरक्षित रखने में अक्षम बना दिया है. कांग्रेस कार्य समिति ने गाजा की स्थिति का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया है कि मोदी सरकार की चुप्पी शर्मनाक है.

उसने कहा, “कार्य समिति गाजा में जारी निर्दोष नागरिकों के नरसंहार पर गहरी पीड़ा व्यक्त करती है. जो भारत हमेशा से नैतिक चेतना का प्रतीक और उत्तर-औपनिवेशिक विश्व का अगुआ रहा है, उसे इस सरकार ने शर्मनाक तरीके से एक मूक दर्शक के रूप में सीमित कर दिया है. नैतिकता के लिहाज से हमारी विदेश नीति कलंक बन गई है.”

विदेश नीति “दोस्ती” से तय नहीं होती: राहुल

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शुल्क (टैरिफ) लगाने और एच1बी वीजा से जुड़े उनके कदमों की पृष्ठभूमि में बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा और कहा कि विदेश नीति निजी “दोस्ती” से तय नहीं होनी चाहिए.

सूत्रों ने बताया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कांग्रेस की विस्तारित कार्य समिति की बैठक में यह टिप्पणी की.
बैठक के बाद सूत्रों ने कहा कि राहुल गांधी ने अमेरिका के हालिया कदमों और ट्रंप के बयानों का उल्लेख करते हुए मोदी सरकार की तीखी आलोचना की. सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री को ट्रंप के सामने खड़ा होना चाहिए और भारत के राष्ट्रीय हित को सबसे आगे रखना चाहिए. सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने कथित वोट चोरी के विषय का भी उल्लेख किया और कहा कि वह आगे भी तथ्यों के साथ जनता के सामने अपनी बात रखेंगे. उन्होंने “वोटर अधिकार यात्रा” की सफलता के लिए कांग्रेस की बिहार इकाई और सहयोगी दलों की तारीफ की.

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