रायपुर. राज्यपाल अनुसुईया उइके से आज यहां राजभवन में राज्य प्रशासनिक सेवा (वर्ष 2020) के 31 परिवीक्षाधीन अधिकारियों ने सौजन्य भेंट की. इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी की महानिदेशक रेणु जी पिल्ले उपस्थित थीं.
राज्यपाल उइके ने अधिकारियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप सभी स्थानीय लोगों से तालमेल बनाकर कार्य करें. उन्होंने कहा कि संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ कार्य करने से बड़ी से बड़ी समस्याएं भी आसानी से हल हो जाती है. राज्यपाल ने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि छत्तीसगढ़ आदिवासी बाहुल्य राज्य है. यहां के अनेक क्षेत्र पांचवी अनुसूची के तहत आते हैं. आम जनता सहित आदिवासियों की समस्याओं को संवेदना के साथ सुलझाने का प्रयास करें.
उन्होंने राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों से राजस्व नियम/अधिनियमों के साथ ही पेसा कानून और वन अधिकार अधिनियम का अध्ययन करने को भी कहा. उन्होंने कहा कि केन्द्र शासन एवं राज्य शासन की योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावी रूप से हो यह सुनिश्चित करने में भी आपकी बड़ी भूमिका है. राज्यपाल ने कहा कि आम जनता में योजनाओं के बारे में जागरूकता लाना अत्यंत जरूरी है, तभी उन्हें इनका समुचित लाभ मिल सकेगा. उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों को ईमानदारी और कर्त्तव्य निष्ठा के साथ कार्य करने की समझाईश भी दी और कहा कि अपने कार्यों से अपने क्षेत्र, प्रदेश और देश का नाम रोशन करें. इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संचालक टी.सी. महावर, राज्यपाल के उपसचिव दीपक कुमार अग्रवाल और प्रशिक्षण संचालक डॉ. विश्वासराम मेश्राम, सचिन भत्रा भी उपस्थित थे.


