Sunday, September 27, 2026
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मोदी ने धार में देश के पहले ‘पीएम मित्र पार्क’ का शिलान्यास किया, स्वदेशी की पुरजोर वकालत की

धार. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को मध्यप्रदेश के धार जिले के ग्राम भैंसोला में देश के पहले ‘पीएम मित्र पार्क’ का शिलान्यास किया और स्वदेशी वस्तुओं की पुरजोर वकालत करते हुए देशवासियों से देश में ही बने सामान खरीदने का आह्वान किया. प्रधानमंत्री ने अपने जन्मदिन के अवसर पर ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ तथा ‘आठवें राष्ट्रीय पोषण माह’ अभियान की शुरुआत भी की और कहा कि इनका मकसद है कि एक भी महिला, जानकारी या संसाधनों के अभाव में बीमारी का शिकार न हो.

प्रधानमंत्री मोदी 17 सितंबर को 75 वर्ष के हो गए और उनके जन्मदिन पर मध्यप्रदेश का यह उनका दूसरा दौरा है. प्रधानमंत्री ने 17 सितंबर, 2022 को नामीबिया से लाए गए जंगली चीतों को राज्य के श्योपुर जिले के कुनो राष्ट्रीय उद्यान के एक बाड़े में छोड़ा था. इन चीतों को ‘प्रोजेक्ट चीता’ के तहत भारत लाया गया था.

‘पीएम मित्र पार्क’ के शिलान्यास और अन्य अभियानों की शुरुआत के बाद अपने संबोधन में मोदी ने कहा, ”विश्वकर्मा जयंती के दिन आज एक बड़ी औद्योगिक शुरुआत होने जा रही है. देश के सबसे बड़े इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल पार्क का शिलान्यास यहां हुआ है. इस पार्क से भारत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री को नई ऊर्जा मिलेगी और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा.” उन्होंने कहा, ”इस टेक्सटाइल पार्क से हमारे युवकों, युवतियों को बड़ी संख्या में रोजगार मिलेगा.”

अधिकारियों के मुताबिक लगभग 2,158 एकड़ के भूभाग में विकसित होने वाला यह ‘पीएम मित्र पार्क’ विश्व स्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित होगा और इसका सबसे बड़ा लाभ प्रदेश के कपास उत्पादकों को मिलेगा क्योंकि इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और उन्हें उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा. स्वदेशी वस्तुओं की पुरजोर वकालत करते हुए मोदी ने कहा, ”यह त्योहारों का मौसम है और हमें स्वदेशी के मंत्र को याद रखना चाहिए और इसे अपने जीवन में शामिल करना चाहिए.

उन्होंने कहा, ”यह त्योहारों का समय है, और इसी समय हमें स्वदेशी का मंत्र याद रखना है और उसे अपने जीवन में उतारना है. मेरी 140 करोड़ देशवासियों से करबद्ध प्रार्थना है. आप जो भी खरीदें, वह हमारे देश में ही बना होना चाहिए. आप जो भी खरीदें, उसमें पसीना किसी न किसी हिंदुस्तानी का होना चाहिए. आप जो भी खरीदें, उसमें मेरे हिंदुस्तान की मिट्टी की महक होनी चाहिए.” प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे देश का पैसा देश में ही रहता है और यही पैसा विकास के काम आता है. उन्होंने कहा, ”सड़कें, स्कूल, चिकित्सालय बनते हैं. पैसा गरीब कल्याण के काम आता है. मध्यम वर्ग के सपनों को पूरा करने के लिए बहुत धन की जरुरत है, जिसे हम छोटी-छोटी चीजें करके अर्जित कर सकते है.” मोदी ने कहा कि 22 सितंबर से नवरात्रि के पहले दिन से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की कम दरें लागू हो रही है और देशवासियों को स्वदेशी चीजें खरीदकर उसका लाभ लेना चाहिए.

उन्होंने कहा, ”हर दुकान में स्वदेशी का बोर्ड लगा होना चाहिए और गर्व से कहना चाहिए कि यह स्वदेशी है.” प्रधानमंत्री ने व्यापारी समुदाय से आग्रह किया कि वे भी देशहित में इस अभियान में अपना योगदान दें. उन्होंने कहा, ”वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाना है. सारे छोटे-मोटे व्यापारी, आप जो भी बेचें, वह हमारे देश में बना होना चाहिए. महात्मा गांधी ने स्वदेशी को आजादी का माध्यम बनाया और हमें स्वदेशी को विकसित भारत की नींव बनाना है.” उन्होंने कहा कि यह तब होगा जब देश में बनी चीजों पर हम गर्व करेंगे. उन्होंने इस दौरान लोगों से ‘गर्व से कहो, यह स्वदेशी है’ के नारे भी लगवाए.

मोदी ने कहा कि विकसित होते भारत में मातृ-मृत्यु दर और शिशु-मृत्यु दर को जितना संभव हो सके, कम करना ही है. उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना शुरू की गई और इसके तहत पहली संतान होने पर 5,000 रुपये और दूसरी बेटी के जन्म पर 6,000 रुपये सीधे बैंक खाते में दिए जाते हैं.

उन्होंने कहा, ”अब तक 4.5 करोड़ से अधिक गर्भवती माताओं को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ मिल चुका है. अब तक 19 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि मेरी माताओं बहनों के खातों में पहुंच चुकी है. ” उन्होंने कहा, ”स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार’ अभियान माताओं-बहनों को सर्मिपत है. हमारा मकसद है- एक भी महिला, जानकारी या संसाधनों के अभाव में बीमारी का शिकार न हो.” उन्होंने कहा कि आज के ही दिन 15 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं को एक क्लिक से सहायता भेजी गई. उन्होंने कहा कि 450 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके खातों में जमा की गई.

जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल एनीमिया की गंभीर चुनौती का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसके तहत 2023 में मध्यप्रदेश के शहडोल में पहला सिकल सेल स्क्रीनिंग कार्ड जारी किया गया था. उन्होंने कहा, “आज मध्यप्रदेश में एक करोड़वां स्क्रीनिंग कार्ड वितरित किया गया है और इस अभियान के तहत देश भर में पांच करोड़ से अधिक व्यक्तियों की जांच की गई है.” प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सिकल सेल जांच ने जनजातीय समुदायों में लाखों लोगों के जीवन को सुरक्षित रखने में मदद की है. उन्होंने आदिवासी माताओं और बहनों से सिकल सेल एनीमिया की जांच सुनिश्चित करने की विशेष अपील की. इस कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल, मुख्यमंत्री मोहन यादव और मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल के सदस्यों सहित भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेता सम्मिलित हुए.

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