भारत और मालदीव के बीच समुद्री सहयोग को और मजबूत करते हुए दोनों देशों की नौसेनाओं ने एक विशेष संयुक्त सैन्य अभ्यास किया। इस अभ्यास में भारतीय नौसेना का जहाज आईएनएस सुनयना और मालदीव तटरक्षक बल का पोत गाजी शामिल रहे।
तालमेल और समन्वय बढ़ाने पर जोर
नौसेना के अनुसार, इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच तालमेल, समन्वय और संयुक्त रूप से काम करने की क्षमता को और बेहतर बनाना था।
माले पहुंचा था आईएनएस सुनयना
भारतीय नौसेना का पोत आईएनएस सुनयना हाल ही में मालदीव की राजधानी माले पहुंचा था। यह दौरा ‘आईओएस सागर’ पहल के तहत उसकी ऑपरेशनल तैनाती का पहला पड़ाव था।
बहुराष्ट्रीय दल की मौजूदगी
इस पोत पर भारत सहित 16 मित्र देशों के नौसैनिक मौजूद थे। इस बहुराष्ट्रीय दल में मालदीव के सैनिक भी शामिल रहे, जिससे यह यात्रा अंतरराष्ट्रीय समुद्री सहयोग का प्रतीक बन गई।
उच्च स्तरीय सैन्य वार्ता
आईओएस सागर के कमांडिंग अधिकारी कमांडर सिद्धार्थ चौधरी ने मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल के प्रमुख मेजर जनरल इब्राहिम हिल्मी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान संयुक्त प्रशिक्षण, सहयोग और भविष्य की रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा हुई।
सांस्कृतिक और पेशेवर गतिविधियां भी आयोजित
इस यात्रा के दौरान सैन्य अभ्यास के अलावा कई पेशेवर गतिविधियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। दोनों देशों के जवानों के बीच खेल प्रतियोगिताएं भी हुईं, जिससे आपसी संबंध और मजबूत हुए।
क्षेत्रीय सुरक्षा के प्रति साझा प्रतिबद्धता
यह संयुक्त अभ्यास और दौरा भारत और मालदीव के बीच मजबूत होते समुद्री संबंधों को दर्शाता है। साथ ही, यह क्षेत्रीय सुरक्षा, स्थिरता और सहयोग के प्रति दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है। (इनपुट: आईएएनएस)


