रायपुर। छत्तीसगढ़ के महिला एवं बाल विकास विभाग में कथित साड़ी घोटाले को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। आरोप है कि विभाग द्वारा महिलाओं के लिए खरीदी गई साड़ियों में बड़े पैमाने पर अनियमितता और भ्रष्टाचार हुआ है।
मिली जानकारी के अनुसार, साड़ियों की खरीदी में गुणवत्ता और कीमत को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। आरोप है कि बाजार मूल्य से अधिक दर पर साड़ियां खरीदी गईं, जबकि उनकी गुणवत्ता भी अपेक्षित स्तर की नहीं थी। इस पूरे मामले में पारदर्शिता की कमी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
विपक्ष ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। वहीं, जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी जांच की जरूरत बताई जा रही है। राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने कहा है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
इस मामले को लेकर आम जनता में भी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि महिलाओं के हित में चलाई जा रही योजनाओं में इस तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
फिलहाल विभाग की ओर से इस पूरे मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।


