कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराध के तरीके भी तेजी से बदल रहे हैं। अब ठग AI तकनीक की मदद से किसी व्यक्ति की आवाज की हूबहू नकल कर लोगों को धोखा देने लगे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, महज कुछ सेकंड की ऑडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर किसी की भी आवाज जैसी आवाज तैयार की जा सकती है।
रिपोर्ट के मुताबिक, साइबर अपराधी AI आधारित वॉयस क्लोनिंग तकनीक का इस्तेमाल कर रिश्तेदार, दोस्त या परिचित बनकर फोन करते हैं और आपात स्थिति का हवाला देकर पैसे मांगते हैं। कई मामलों में लोग परिचित आवाज सुनकर आसानी से झांसे में आ जाते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अब केवल रिकॉर्डिंग ही नहीं, बल्कि AI की मदद से वास्तविक समय (रियल टाइम) में बातचीत करना भी संभव हो गया है। ऐसे में केवल आवाज के आधार पर किसी कॉल पर भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है।
वित्तीय संस्थान और बैंक भी ग्राहकों को इस तरह की धोखाधड़ी से सावधान रहने की सलाह दे रहे हैं। किसी भी संदिग्ध कॉल पर पैसे भेजने से पहले संबंधित व्यक्ति से किसी अन्य माध्यम से संपर्क कर जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है।


