रायपुर। राजधानी रायपुर के दो अलग-अलग इलाकों में नागरिक सुविधाओं और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े गंभीर मुद्दे सामने आए हैं। एक ओर खमतराई क्षेत्र के शिवानंद नगर सेक्टर-1 स्थित डबरी तालाब अपने अस्तित्व के संकट से जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर त्रिमूर्ति नगर में निर्मित पार्किंग और सब्जी बाजार परिसर मलबे और कचरे का अड्डा बन गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, शिवानंद नगर का डबरी तालाब कभी क्षेत्र की पहचान हुआ करता था। गर्मी के मौसम में लोग यहां स्नान करते थे और धार्मिक कार्यों के लिए भी तालाब का उपयोग किया जाता था। लेकिन वर्षों से गहरीकरण और संरक्षण कार्य नहीं होने के कारण अब तालाब लगभग सूख चुका है। लोगों का कहना है कि घरों का मलबा और कचरा तालाब में डाला जा रहा है, जिससे इसकी स्थिति और खराब होती जा रही है।
निवासियों ने बताया कि करीब 14 वर्षों से तालाब का समुचित गहरीकरण नहीं हुआ है। पहले जहां 15 फीट से अधिक पानी रहता था, वहां अब मुश्किल से एक फीट पानी बचा है। शाम के समय लोगों के लिए यह क्षेत्र मनोरंजन और विश्राम का केंद्र हुआ करता था, लेकिन अब बदहाल स्थिति के कारण लोग यहां आने से भी कतराने लगे हैं।
वहीं, त्रिमूर्ति नगर में कृषि उपज मंडी के पीछे करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित पार्किंग और सब्जी बाजार परिसर भी उपेक्षा का शिकार है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि पिछले दो वर्षों से यहां मलबा और कचरा डाला जा रहा है। नतीजतन पार्किंग क्षेत्र का उपयोग नहीं हो पा रहा और आसपास रहने वाले लोगों को गंदगी तथा दुर्गंध की समस्या झेलनी पड़ रही है।
नागरिकों ने नगर निगम और प्रशासन से दोनों स्थानों पर तत्काल सफाई, सौंदर्यीकरण और संरक्षण कार्य शुरू करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो पर्यावरण और सार्वजनिक सुविधाओं को स्थायी नुकसान हो सकता है।


