Thursday, September 24, 2026
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श्रम दिवस पर होगा श्रमवीरों का सम्मान

रायपुर. अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस 01 मई के अवसर पर राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में दोपहर 12 बजे से श्रमिक सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है. इस सम्मेलन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. कार्यक्रम के अध्यक्षता श्रम मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया करेंगे. इस मौके पर मुख्यमंत्री बघेल लगभग एक लाख श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 47.12 करोड़ रूपए की राशि डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में अंतरित करेंगे और आरंग और पाटन में श्रमिक सहायता केन्द्र का शुभारंभ भी करेंगे.

साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित किए जा रहे श्रमिक सम्मेलन में मुख्यमंत्री बघेल राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के लाभार्थियों से संवाद भी करेंगे. सम्मेलन में श्रम विभाग द्वारा श्रमिक कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं से लाभांवित हितग्राहियों का सम्मान भी किया जाएगा. कार्यक्रम स्थल पर श्रमिकों के लिए चलाई जा रही योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी. इस मौके पर श्रमिकों के सम्मान में सामूहिक बोरे-बासी भोज का आयोजन होगा. गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के विकास में श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए मुख्यमंत्री बघेल की मंशा के अनुरूप श्रमिक दिवस के दिन श्रम के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने प्रदेश में बोरे-बासी तिहार का भी आयोजन किया जा रहा है.

श्रमिक सम्मेलन में मुख्यमंत्री श्रम विभाग की हितग्राहीमूलक योजनाओं पर 47.12 करोड़ रूपए की राशि का बैंक खातों में अंतरण करेंगे. इनमें छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अतर्गत 83086 हितग्राहियों को 22.76 करोड़ रूपए छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक मंडल अंतर्गत 11542 हितग्राहियों को 20.83 करोड़ रूपए, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल अतर्गत 6457 हितग्राहियों को 3.09 करोड़ रूपए तथा कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं अंतर्गत 50 बीमित व्यक्ति को चिकित्सा हितलाभ राशि 44.55 लाख रूपए इस प्रकार कुल 101135 हितग्राहियों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से 47.12 करोड़ रूपए की राशि अंतरण शामिल है.

श्रमिक सम्मेलन में विशिष्ट अतिथि के रूप में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री टी. एस. सिंहदेव, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री जयसिंह अग्रवाल, आवास एवं पर्यावरण तथा वन मंत्री मोहम्मद अकबर, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरु रुद्र कुमार, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, सहित सांसद सुनील सोनी शामिल होंगे.

कार्यक्रम में संसदीय सचिव विकास उपाध्याय, रेखचंद जैन, छत्तीसगढ़ राज्य हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, विधायकगण सत्यनारायण शर्मा, बृजमोहन अग्रवाल, महापौर रायपुर एजाज ढेबर, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, छत्तीसगढ़ भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष सुशील सन्नी अग्रवाल एवं सदस्यगण, छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मण्डल के सदस्यगण, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मण्डल के अध्यक्ष शफी अहमद, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मण्डल के उपाध्यक्ष केशव बंटी हरमुख एवं समस्त सदस्यगण विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे.

मुख्यमंत्री ने श्रमवीरों को दी मई दिवस की शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस (मई दिवस) के अवसर पर श्रमवीरों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं. इस अवसर पर बघेल ने सभी श्रमिकों के सुखमय और उज्ज्वल भविष्य की कामना की है. बघेल ने कहा है कि एक मई को हर साल हम मेहनतकश श्रमिकों के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए मजदूर दिवस मनाते हैं. यह श्रमिकों की मेहनत और समर्पण के सम्मान का दिन है.

मुख्यमंत्री ने कामगारों की सामाजिक-आर्थिक खुशहाली के लिए प्रतिबद्धता प्रकट करते हुए कहा है कि श्रमिक हमारे समाज का अभिन्न अंग और विकास की आधारशिला हैं. छत्तीसगढ़ सरकार श्रमिकों सहित सभी जरूरतमंद लोगों के विकास का हरसंभव प्रयास कर रही है. छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मण्डल द्वारा शैक्षणिक सहायता योजना, श्रमिक दुर्घटना मृत्यु सहायता योजना, निःशुल्क सायकल वितरण योजना, निःशुल्क सिलाई मशीन योजना और सिलाई मशीन प्रशिक्षण, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना जैसी कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं. जिससे श्रमिकों के साथ-साथ उनके परिवारों को भी सुखद उज्ज्वल भविष्य मिल सके.

बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में पारम्परिक रूप से मेहनतकशों के दैनिक भोजन का हिस्सा बोरे-बासी रहा है. बोरे बासी में सारे पोषक तत्व मौजूद होते हैं. गर्मीं के दिनों में शरीर को ठंडा रखने के साथ पाचन शक्ति बढ़ाने के लिए भी यह रामबाण है. इसे देखते हुए छत्तीसगढ़ में पिछले साल से बोरे-बासी खाकर अपने पारंपरिक भोजन, संस्कृति और श्रमिकों के प्रति सम्मान प्रकट करने की शुरूआत की गई है. बघेल ने कहा है कि हमारी संस्कृति और परम्पराओं में स्वस्थ जीवन के कई सूत्र और रहस्य छुपे होते हैं, जिसे हमें जानने, पहचानने और अपनाने की जरूरत है. हमें हमारी युवा पीढ़ी को भी अपने आहार और संस्कृति के प्रति गौरव का अहसास कराना बहुत जरूरी है. बघेल ने अपील की है कि सभी एक मई को मजदूर दिवस के दिन आमा के अथान और गोंदली के साथ हर घर में बोरे-बासी खाएं और अपनी संस्कृति और विरासत पर गर्व महसूस करें.

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