Friday, September 25, 2026
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बेमौसम बारिश, नेता प्रतिपक्ष ने किसानों को मुआवजा देने के लिये मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष के नेता नारायण चंदेल ने बेमौसम बरसात में किसानों को हुए नुकसान का सर्वेक्षण कराने और मुआवजा देने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखा है. छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने शुक्रवार को बताया कि चंदेल ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि मौसम में खराबी असमय वर्षा और तूफान से राज्य में रबी की फसल को हानि पहुंची है. जिससे राज्य के किसान परेशान हैं. उन्होंने लिखा है कि असमय बारिश के कारण धान के साथ-साथ सब्जी और आम के फसल को भी भारी नुकसान हुआ है. राज्य में लाखों एकड़ में तैयार धान की फसल बर्बादी के कगार पर है.

चंदेल ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि असमय बारिश और तूफान से रबी फसल को हुए नुकसान की जांच कराकर किसानों को उचित मुआवजा शीघ्र प्रदान करें. वहीं एक बयान में चंदेल ने कहा है कि पूरे राज्य में असमय वर्षा से फसल चौपट हुई है. इससे राज्य के किसानों को बहुत नुकसान उठाना पड़ रहा है. किसान कर्ज के दलदल में फंस रहा है, लेकिन संवेदनहीन बघेल सरकार ने नुकसान के सर्वे के लिए अभी पहल भी प्रारंभ नहीं की है.

उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य जनक है कि राज्य के किसानों की फसल बर्बाद हो चुकी है, उनकी स्थिति अत्यंत दयनीय है लेकिन सरकार, कृषि एवं राजस्व विभाग ने अब तक नुकसान का सर्वे शुरू नहीं किया है. उन्होंने कहा कि इससे सरकार की मंशा साफ नजर आ रही है कि वह किसानों को उनके हाल पर छोड़कर बैठी है और सरकार राज्य के किसानों के नुकसान की भरपाई करने का इरादा नहीं रखती.

इधर छत्तीसगढ़ के सत्ताधारी दल कांग्रेस के संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जिला कलेक्टरों को बेमौसम बारिश से खराब हुई फसलों का सर्वे करने का निर्देश दिया है. शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ में धान का महत्वपूर्ण स्थान है, पूरे भारत में छत्तीसगढ़ सरकार किसानों से सबसे अधिक मूल्य पर धान खरीदती है.

उन्होंने राज्य सरकार को किसानों का हतैषी बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने पदभार ग्रहण करने के एक घंटे के भीतर ही राज्य के किसानों का कर्जा माफ कर दिया था, जबकि भाजपा के 15 साल के लंबे शासन के दौरान, लगभग 15 हजार किसानों ने आत्महत्या की थी.

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