रायपुर. छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के छह गांवों में आजादी के बाद पहली बार मंगलवार को राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा. पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि इन गांवों के पास सुरक्षाबलों के नए शिविर स्थापित करने से इन क्षेत्रों के विकास का मार्ग प्रशस्त हो रहा है.
बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया, ”बीजापुर जिले के चिन्नागेलुर, तिमेनार और हिरोली तथा सुकमा जिले के बेदरे, डब्बामरका और टोंडामरका गांवों में मंगलवार को तिरंगा फहराया जाएगा. आजादी के बाद यह पहली बार है कि इन गांवों के ग्रामीण अपने गांव में राष्ट्रीय घ्वज को फहराता देखेंगे.” सुंदरराज ने बताया कि इसके अलावा, सुकमा जिले के पिडमेल, डब्बाकोंटा, सिलगेर और कुंडेड गांवों में पहली बार स्वतंत्रता दिवस मनाया जाएगा. इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान इन गांवों में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया था.
पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि इन गांवों के पास सुरक्षाबलों के नये शिविरों की स्थापना से नक्सली हतोत्साहित हुए हैं. इसके परिणामस्वरूप नक्सलियों द्वारा (स्वतंत्रता और गणतंत्र दिवस पर) काले झंडे फहराने की घटनाओं में भी कमी आई है. उन्होंने कहा कि अब इन स्थानों पर जोश और देशभक्ति के साथ राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया जाएगा. उन्होंने कहा कि नये शिविरों की स्थापना से सरकारी कल्याणकारी योजनाओं को आदिवासियों तक पहुंचाने में सुविधा हो रही है और क्षेत्रों के विकास का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है.
सुकमा और बीजापुर बस्तर संभाग के सात जिलों में से हैं, जो पिछले तीन दशकों से वामपंथी उग्रवाद के खतरे से जूझ रहे हैं.
राज्य के जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिए राजधानी रायपुर सहित सभी जिलों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मंगलवार सुबह रायपुर के पुलिस परेड मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे. राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस समारोह को देखते हुए राज्य में खासतौर पर माओवाद प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.


