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कृषक उन्नति योजना से शंकर प्रसाद की खेती को मिलेगा आर्थिक संबल, तीन एकड़ में सुगंधित धान की खेती पर मिलेंगे 45 हजार रुपये

रायपुर

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत बनाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए कृषक हितैषी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। किसानों को परंपरागत खेती के साथ नवाचार, उन्नत कृषि पद्धतियों और फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। कृषक उन्नति योजना के माध्यम से मिलने वाला आर्थिक संबल किसानों को खेती में नए प्रयोग करने और अपनी आय बढ़ाने के अवसर प्रदान कर रहा है। सरगुजा जिले के ग्राम लक्ष्मणगढ़ निवासी किसान  शंकर प्रसाद ने भी परंपरागत धान की जगह सुगंधित धान की खेती अपनाकर इस दिशा में नई पहल की है। उन्हें योजना के अंतर्गत तीन एकड़ कृषि भूमि के लिए कुल 45 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि का लाभ मिलेगा।

सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम लक्ष्मणगढ़ के कृषक  शंकर प्रसाद ने इस वर्ष अपनी तीन एकड़ कृषि भूमि में सुगंधित धान की खेती की है। उन्होंने परंपरागत धान की खेती से अलग हटकर सुगंधित धान का चयन किया है, जिससे बेहतर उत्पादन और आर्थिक लाभ की संभावनाएं विकसित हो सकें। खेती में बदलाव का उनका यह प्रयास दर्शाता है कि शासन की प्रोत्साहन आधारित योजनाएं किसानों को कृषि क्षेत्र में नई संभावनाएं तलाशने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

तीन एकड़ में सुगंधित धान की खेती, बेहतर आमदनी की उम्मीद

किसान  शंकर प्रसाद ने इस वर्ष अपनी खेती में बदलाव करते हुए तीन एकड़ भूमि में सुगंधित धान लगाया है। सुगंधित धान की खेती से उन्हें बेहतर आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है। परंपरागत धान की जगह नई किस्म की खेती अपनाने का उनका निर्णय कृषि गतिविधियों में विविधता लाने और उपलब्ध भूमि का बेहतर उपयोग करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

 शंकर प्रसाद की इस पहल को कृषक उन्नति योजना से आर्थिक संबल भी मिलेगा। योजना के अंतर्गत प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की दर से तीन एकड़ के लिए उन्हें कुल 45 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्राप्त होगी। इससे खेती से जुड़े खर्चों की व्यवस्था करने और आगामी कृषि कार्यों की तैयारी में सहायता मिल सकेगी। शासन की यह सहायता उन्हें खेती में नई तकनीकों और बेहतर कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित करेगी।

45 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि से खेती को मिलेगी मजबूती

खेती में बीज, खाद, कृषि आदान और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए किसानों को आर्थिक संसाधनों की जरूरत होती है। विशेषकर सीमित कृषि भूमि वाले किसानों के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहायता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत  शंकर प्रसाद को मिलने वाली 45 हजार रुपये की राशि उनके कृषि कार्यों को मजबूती प्रदान करने में सहायक होगी।

इस राशि का उपयोग वे खेती की आवश्यकताओं को पूरा करने, आगामी फसल की तैयारी और बेहतर कृषि प्रबंधन के लिए कर सकेंगे। प्रोत्साहन राशि मिलने से किसानों को कृषि कार्यों में निवेश करने का अवसर मिलता है और वे अपनी खेती को अधिक उत्पादक एवं लाभकारी बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

फसल विविधीकरण और कृषि नवाचार से बढ़ेंगी किसानों की संभावनाएं

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किसानों को परंपरागत कृषि पद्धतियों के साथ फसल विविधीकरण और उन्नत तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। कृषि में विविधता लाने से किसानों को बाजार की मांग और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप फसलों का चयन करने के अवसर मिलते हैं। सुगंधित धान जैसी विशिष्ट किस्मों की खेती भी किसानों के लिए बेहतर मूल्य प्राप्त करने की संभावनाएं विकसित कर सकती है।

 शंकर प्रसाद द्वारा तीन एकड़ में सुगंधित धान की खेती का निर्णय इसी दिशा में एक सकारात्मक प्रयास है। उनकी पहल क्षेत्र के अन्य किसानों को भी खेती में नए प्रयोग करने, फसल चयन में बदलाव लाने और उपलब्ध कृषि संसाधनों का बेहतर उपयोग करने के लिए प्रेरित कर सकती है।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों की समृद्धि को मिल रही प्राथमिकता

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादन को प्रोत्साहित करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। कृषक उन्नति योजना किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ कृषि गतिविधियों को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत सामने आई किसान  शंकर प्रसाद की यह कहानी शासन की कृषक हितैषी योजनाओं से मिलने वाले प्रोत्साहन का उदाहरण है। तीन एकड़ में सुगंधित धान की खेती अपनाकर उन्होंने कृषि नवाचार की दिशा में कदम बढ़ाया है, वहीं योजना से मिलने वाली 45 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि उनके प्रयासों को आर्थिक मजबूती प्रदान करेगी। शासन की सहायता और किसानों की मेहनत से कृषि क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित हो रही हैं तथा ग्रामीण समृद्धि और आत्मनिर्भरता की दिशा में सकारात्मक बदलाव का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।

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