Friday, September 25, 2026
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जुबिन गर्ग मौत मामले में आरोपियों के साथ हिमंत के संबंध छिपाने की कोशिश कर रही SIT: गोगोई

गुवाहाटी. कांग्रेस की असम इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने रविवार को आरोप लगाया कि मशहूर गायक जुबिन गर्ग की मौत से जुड़े मामले की जांच सही दिशा में नहीं बढ. रही है. गोगोई ने कहा कि राज्य सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है, ताकि मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से घनिष्ठ संबंध रखने वाले श्यामकानू महंत और सिद्धार्थ शर्मा को बचाया जा सके, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं.

गोगोई ने गुवाहाटी में जुबिन के लिए विपक्षी दलों की ओर से आयोजित स्मृति सभा के दौरान पत्रकारों से कहा, “जैसे-जैसे जांच आगे बढ. रही है, सरकार का यह कर्तव्य बनता है कि वह श्यामकानू महंत और सिद्धार्थ शर्मा के बारे में सभी जानकारी सार्वजनिक करे. कुछ भी छिपाया नहीं जाना चाहिए.” उन्होंने कहा, “ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री ने एसआईटी का गठन श्यामकानू महंत के साथ अपने घनिष्ठ संबंध को छिपाने के लिए किया है.” जुबिन गर्ग का 19 सितंबर को सिंगापुर में निधन हो गया था, जब वह चौथे पूर्वोत्तर भारत महोत्सव (एनईआईएफ) में भाग लेने के लिए वहां गए थे.

राज्य पुलिस की सीआईडी की 10 सदस्यीय एसआईटी इस मामले की जांच कर रही है और अब तक सात लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जिनमें एनईआईएफ के आयोजक श्यामकानू महंत, जुबिन के प्रबंधक सिद्धार्थ शर्मा, उनके चचेरे भाई व पुलिस अधिकारी संदीपन, बैंड के सदस्य शेखरज्योति गोस्वामी व अमृतप्रवा महंत तथा जुबिन के निजी सुरक्षा अधिकारी नंदेश्वर बोरा और प्रभिन बैश्या शामिल हैं.

महोत्सव के आयोजक श्यामकानू महंत पूर्व डीजीपी भास्कर ज्योति महंत के छोटे भाई हैं, जो फिलहाल असम राज्य सूचना आयोग के प्रमुख हैं. पहले मुख्यमंत्री के शिक्षा सलाहकार रह चुके भास्कर ज्योति के बड़े भाई एन गोपाल महंत अभी गौहाटी विश्वविद्यालय के कुलपति हैं. लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गोगोई ने आरोप लगाया कि एसआईटी का गठन जुबिन के प्रबंधक और भाजपा के बीच संबंधों को छिपाने के लिए किया गया है. उन्होंने कहा कि जांच सही दिशा में नहीं बढ. रही है.

गोगोई ने कहा, “विधि विशेषज्ञ, आपराधिक कानूनों से परिचित लोग और अदालत प्रणाली, सभी इस जांच पर सवाल उठा रहे हैं. मुख्यमंत्री जांच का नेतृत्व कर रहे हैं और ऐसा लगता है कि वह अपनी छवि बचाने के लिए अधिक चिंतित हैं.” गोगोई ने कहा कि जुबिन के निधन के कारण असम ने एक ऐसा व्यक्ति खो दिया है, जिसने राज्य के लोगों, संस्कृति और प्रकृति के लिए साहस के साथ अपनी बात रखी.

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