Friday, September 25, 2026
Homeदेश विदेशयौन उत्पीड़न मामला: दिल्ली पुलिस ने स्वयंभू धर्मगुरु के खिलाफ 'लुकआउट सर्कुलर'...

यौन उत्पीड़न मामला: दिल्ली पुलिस ने स्वयंभू धर्मगुरु के खिलाफ ‘लुकआउट सर्कुलर’ जारी किया

नयी दिल्ली. दिल्ली पुलिस ने उत्पीड़न के एक मामले में मुख्य आरोपी स्वयंभू धर्मगुरु स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ एक ‘लुकआउट सर्कुलर’ जारी किया है. यह जानकारी एक अधिकारी ने बुधवार को दी. पुलिस उपायुक्त (दक्षिण-पश्चिम) अमित गोयल ने कहा, “देश से भागने के किसी भी प्रयास को रोकने के लिए उसके खिलाफ ‘लुकआउट सर्कुलर’ (एलओसी) जारी किया गया है.” अधिकारी ने बताया कि मामले के सिलसिले में पुलिस की कई टीम दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड में छापेमारी कर रही हैं.

दिल्ली के संस्थान में छात्राओं का यौन उत्पीड़न करने के आरोप में स्वयंभू धर्मगुरु पर मामला दर्ज

कभी प्रतिष्ठित धार्मिक संगठन से जुड़े रहे एक स्वयंभू धर्मगुरु पर यहां एक प्रबंधन संस्थान की कई छात्राओं ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है, जिसके बाद वह पुलिस जांच के दायरे में है. हालांकि, छापेमारी और निगरानी के बावजूद आरोपी स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ ??पार्थ सारथी फरार है.

पुलिस के अनुसार, आरोपी दक्षिण-पश्चिम दिल्ली स्थित श्री शारदा भारतीय प्रबंधन संस्थान में संचालक (प्रबंधन समिति का सदस्य) था. पुलिस को संस्थान के भूतल में ’39 यूएन 1′ नंबर की नकली राजनयिक नंबर प्लेट वाली वोल्वो कार भी मिली, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर सरस्वती करता था. यह पहली बार नहीं है जब उस पर इस तरह के आरोप लगे हों. पुलिस सूत्रों ने बताया कि उसके खिलाफ 2009 में डिफेंस कॉलोनी थाने में धोखाधड़ी और छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया गया था, जबकि 2016 में वसंत कुंज थाने में छेड़छाड़ की एक और शिकायत दर्ज की गई थी. ताजा मामले में शिकायत चार अगस्त को वसंत कुंज उत्तर थाने में दर्ज की गई थी.

पूछताछ के दौरान श्री शारदा भारतीय प्रबंधन संस्थान में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) छात्रवृत्ति के तहत पीजीडीएम (प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा) की 32 छात्राओं के बयान दर्ज किए गए. इनमें से 17 ने आरोप लगाया कि सरस्वती ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, अश्लील संदेश भेजे और अवांछित पहलकदमी की. पुलिस ने कहा कि संस्थान में संकाय सदस्य और प्रशासक के रूप में कार्यरत तीन महिलाओं ने कथित तौर पर छात्राओं पर उसकी मांगें मानने के लिए दबाव डालकर आरोपी को ब­ढ़ावा दिया.

एक अधिकारी ने कहा, ”उसकी भूमिका की जांच की जा रही है और सरस्वती की गिरफ्तारी के बाद ही उसकी संलिप्तता का पूरी तरह से पता चल पाएगा.” भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया और बाद में 16 पीड़ितों ने मजिस्ट्रेट के सामने गवाही दी. पुलिस ने राजनयिक नंबर प्लेट वाली वोल्वो कार जब्त कर ली है और 25 अगस्त को इस संबंध में एक और प्राथमिकी दर्ज की. उन्होंने बताया कि आरोपी तब से गिरफ्तारी से बच रहा है.

इस बीच, श्री श्री जगद्गुरु शंकराचार्य महासंस्थानम दक्षिणाम्नाय श्री शारदा पीठम, श्रृंगेरी ने एक सार्वजनिक बयान जारी कर खुद को उससे अलग कर लिया है. इससे पहले सरस्वती इसी पीठ से जुड़ा था. बयान में कहा गया है, ”जनता को सूचित किया जाता है कि स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती ऐसी गतिविधियों में लिप्त रहे हैं जो अवैध, अनुचित और श्री श्री जगद्गुरु शंकराचार्य महासंस्थानम दक्षिणाम्नाय श्री शारदा पीठम, श्रृंगेरी (पीठम) के हितों के लिए हानिकारक हैं. परिणामस्वरूप, पीठम ने उनसे सभी संबंध तोड़ लिए हैं.” चैतन्यानंद सरस्वती को पहले स्वामी (डॉ.) पार्थसारथी के नाम से जाना जाता था.

पीठम ने कहा कि सरस्वती द्वारा किए गए अवैध कृत्यों के संबंध में पीठम ने संबंधित अधिकारियों के समक्ष शिकायत भी दर्ज कराई है. बयान में कहा गया है कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने पीठम के नाम से भूखंड संख्या सात, संस्थागत क्षेत्र, फेज दो, वसंत कुंज, नयी दिल्ली में ‘श्री शारदा भारतीय प्रबंधन अनुसंधान संस्थान’ के संचालन को मंजूरी दे दी है.

बयान के अनुसार, ”पीठम एक शासी परिषद के माध्यम से संस्थान का संचालन करता है, जिसकी अध्यक्षता एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद् डॉ. कृष्ण वेंकटेश और अन्य गणमान्य व्यक्ति करते हैं. शासी परिषद छात्रों के कल्याण को सुनिश्चित करने और जारी शैक्षिक कार्यक्रमों में किसी भी तरह की बाधा को रोकने के लिए सक्रिय रूप से कदम उठा रही है.” पुलिस ने कहा कि सरस्वती का पता लगाने के प्रयास जारी हैं और इस संबंध में कई टीम गठित की गई है. सूत्रों ने यह भी बताया कि टीम उसे देश से भागने से रोकने के लिए हवाई अड्डों पर कड़ी निगरानी रख रही हैं. एक अन्य सूत्र ने दावा किया कि आखिरी बार उसके आगरा में होने का पता चला और टीम छापेमारी कर रही है.

सूत्र ने कहा, ”टीम दिल्ली और पड़ोसी राज्यों में उसके ज्ञात ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं, जिनमें आगरा भी शामिल है, जहां उसके आखिरी बार मौजूद होने का पता चला था.” जांच अधिकारियों ने कहा कि छात्रों, संकाय सदस्यों और कर्मचारियों के बयानों का सत्यापन किया जा रहा है, जबकि जांच के तहत संदेशों और कॉल रिकॉर्ड सहित डिजिटल साक्ष्य एकत्र किए गए हैं.

पुलिस अधिकारी ने कहा, ”आरोप गंभीर हैं, जिनमें कई पीड़ित शामिल हैं और हम मामले में प्राथमिकता के साथ आगे ब­ढ़ रहे हैं.” उन्होंने कहा कि आरोपी अब भी फरार है. पुलिस के बयान के अनुसार, वसंत कुंज उत्तर थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 75(2) (यौन उत्पीड़न), 79 (किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से कुछ कहना, हावभाव या कृत्य करना) और 351(2) (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

जांच के दौरान सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का विश्लेषण किया गया और आरोपी से जुड़े कई आवासीय पतों पर कई छापे मारे गए.
पुलिस सूत्रों ने बताया कि संस्थान से एकत्रित हार्ड डिस्क और नेटवर्क वीडियो रिकॉर्डर (एनवीआर) जांच के लिए फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) भेजे गए हैं. पुलिस सूत्रों ने खुलासा किया कि उसे आखिरी बार आगरा में देखा गया था, लेकिन आरोपी पकड़े जाने से बचने के लिए बार-बार अपना ठिकाना बदल रहा है. वह निगरानी से बचने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी नहीं कर रहा है.

ओडिशा का रहने वाला सरस्वती पिछले 12 साल से दिल्ली के एक आश्रम में रह रहा था, जहां वह संरक्षक और संचालक दोनों के रूप में काम करता था. जांच दल के सूत्रों ने बताया कि ‘चैट’ और एसएमएस रिकॉर्ड सहित डिजिटल साक्ष्य पहले ही सुरक्षित कर लिए गए हैं. उन्होंने कहा कि पीड़ितों की गवाही की पुष्टि करने में ये महत्वपूर्ण होंगे. पुलिस को यह भी संदेह है कि सरस्वती के विभिन्न राज्यों में मज़बूत संबंध हैं, जिससे बार-बार छापेमारी के बावजूद वह पुलिस की पहुंच से बाहर रहा.

स्वंयभू बाबा ने छात्राओं को धमकाया, विदेश यात्रा के वादों पर यौन उत्पीड़न किया

दिल्ली के एक प्रबंधन संस्थान की कई छात्राओं का कथित तौर पर यौन उत्पीड़न करने के बाद स्वयंभू बाबा फरार हो गया. एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि उसने छात्राओं को कम अंक देने की धमकी देकर दबाव डाला और विदेश घुमाने का वादा कर उनका उत्पीड़न किया.

अधिकारी ने बताया कि स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ ??पार्थसारथी के खिलाफ 2009 और 2016 में छेड़छाड़ के एक-एक मामले सहित पांच अपराधों के लिए वसंत कुंज उत्तर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया था. वह चार अगस्त से फरार है. उन्होंने बताया कि तीन महिला वार्डन भी प्राथमिकी में नामजद हैं. उन्होंने कथित तौर पर पीड़िताओं पर दबाव बनाने में आरोपी की मदद की थी.

एक अधिकारी के अनुसार, जांच में अब तक यह सामने आया है कि सरस्वती ने उन छात्राओं को निशाना बनाया, जिन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडबल्यूएस) आरक्षण के तहत संस्थान में दाखिला लिया था. वह छात्राओं को सोशल मीडिया और एसएमएस के जरिए अश्लील संदेश भेजता था.

इनमें से कुछ संदेश में लिखा था, “मेरे कमरे में आओ”, ”मैं तुम्हें विदेश यात्रा पर ले जाऊंगा, तुम्हें कुछ भी नहीं देना पड़ेगा” और “अगर तुम मेरी नहीं सुनोगी तो मैं तुम्हें परीक्षा में फेल कर दूंगा.” पुलिस ने बताया कि वह देर रात छात्राओं को अपने कमरे में बुलाता था और विरोध करने पर उन्हें कम अंक देने की धमकी देता था. अधिकारी के अनुसार, अब तक जांचकर्ताओं ने 50 से अधिक छात्राओं के फोन की जांच की है और उनमें से कई ने आपत्तिजनक बातचीत डिलीट कर दी है.

प्राथमिकी में नामजद की गईं वार्डनों पर आरोप है कि उन्होंने इन छात्राओं को बातचीत डिलीट करने और सरस्वती की मांगों को मानने के लिए मजबूर किया. सरस्वती श्री शारदा इंस्टिट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट का संचालक (प्रबंध समिति का सदस्य) है. यह संस्थान अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद द्वारा अनुमोदित है.

अधिकारी ने कहा, ”इन तीन वार्डन की भूमिका की जांच की जा रही है और उनकी संलिप्तता का पूरी तरह से तब पता चलेगा जब सरस्वती को पकड़ लिया जाएगा.” उन्होंने बताया कि पुलिस ने संस्थान में ईडब्ल्यूएस के तहत दाखिला लेने वाली पीजीडीएम (पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट) की 32 छात्राओं के बयान दर्ज किए हैं. अधिकारी ने बताया कि इनमें से 17 छात्राओं ने आरोप लगाया कि सरस्वती ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया, अश्लील संदेश भेजे तथा गलत तरीके से छुआ.

उन्होंने बताया कि कुछ सीसीटीवी फुटेज डिलीट होने का भी संदेह है. संस्थान के डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर, नेटवर्क वीडियो रिकॉर्डर और हार्ड डिस्क जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजे गए हैं. अधिकारी ने बताया कि अब तक 16 पीड़िताओं ने मजिस्ट्रेट के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया है. पुलिस ने कहा कि सरस्वती को पकड़ने के लिए कई टीम गठित की गई हैं और उसे देश से भागने से रोकने के लिए हवाई अड्डों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है. एक सूत्र ने दावा किया कि उसकी आखिरी मौजूदगी का पता आगरा में लगाया गया है.

पुलिस के बयान के अनुसार, सरस्वती पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 75(2) (यौन उत्पीड़न), 79 (किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से शब्द, इशारा या कृत्य) और 351(2) (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया गया है.
उसने बताया कि इस बाबा से जुड़ी कई जगहों पर छापेमारी की गई है. इस बीच, श्री श्री जगद्गुरु शंकराचार्य महासंस्थानम् दक्षिणाम्नाय श्री शारदा पीठम, श्रृंगेरी(जिससे सरस्वती पहले जुड़ा था) ने एक सार्वजनिक बयान जारी कर खुद को उससे अलग कर लिया है. पीठम ने सरस्वती द्वारा किए गए अवैध कार्यों के संबंध में भी शिकायतें दर्ज कराई हैं.

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments