Friday, September 25, 2026
Homeव्यापारसितंबर में खुदरा मुद्रास्फीति घटकर आठ साल के निचले स्तर 1.54 प्रतिशत...

सितंबर में खुदरा मुद्रास्फीति घटकर आठ साल के निचले स्तर 1.54 प्रतिशत पर

नयी दिल्ली. खुदरा मुद्रास्फीति सितंबर में आठ साल के निचले स्तर 1.54 प्रतिशत पर आ गई, जो इससे पिछले महीने 2.07 प्रतिशत थी. सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार यह कमी सब्जियों और दालों सहित खाद्य पदार्थों की कीमतों में नरमी के कारण हुई.
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित मुद्रास्फीति सितंबर, 2024 में 5.49 प्रतिशत थी. सितंबर, 2025 से पहले इसका न्यूनतम स्तर जून, 2017 में 1.46 प्रतिशत था.

यह दूसरी बार है जब 2025 में खुदरा मुद्रास्फीति दो प्रतिशत से नीचे आई है. सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि उपभोक्ता कीमतों पर आधारित मुद्रास्फीति चार प्रतिशत पर बनी रहे, जिसमें दो प्रतिशत की घट-बढ़ हो सकती है.
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने कहा, ”अगस्त, 2025 की तुलना में सितंबर की मुख्य मुद्रास्फीति में 0.53 प्रतिशत की कमी आई है. यह जून, 2017 के बाद सालाना आधार पर सबसे कम मुद्रास्फीति है.” एनएसओ ने बयान में कहा, ”सितंबर, 2025 के दौरान अनुकूल आधार प्रभाव के साथ ही सब्जियों, तेल तथा वसा, फल, दाल, अनाज, अंडे, ईंधन और प्रकाश की कीमतों में कमी के कारण मुख्य मुद्रास्फीति और खाद्य मुद्रास्फीति में गिरावट हुई.” सितंबर, 2025 के दौरान खाद्य मुद्रास्फीति सालाना आधार पर शून्य से 2.28 प्रतिशत नीचे रही, जबकि अगस्त में यह शून्य से 0.64 प्रतिशत नीचे और पिछले साल सितंबर में 9.24 प्रतिशत थी.

भारतीय रिजर्व बैंक ने अक्टूबर की अपनी द्विमासिक मौद्रिक नीति में 2025-26 के लिए अपने मुद्रास्फीति अनुमान को घटाकर 2.6 प्रतिशत कर दिया है. अगस्त में इसके 3.1 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया था. एनएसओ के आंकड़ों के अनुसार, ग्रामीण भारत में मुद्रास्फीति 1.07 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 2.04 प्रतिशत रही. सबसे अधिक मुद्रास्फीति केरल में 9.05 प्रतिशत और सबसे कम उत्तर प्रदेश में शून्य से 0.61 प्रतिशत नीचे रही.

आंकड़ों पर टिप्पणी करते हुए इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि सीपीआई मुद्रास्फीति सितंबर, 2025 में 99 महीने के निचले स्तर पर आ गई. ऐसा खाद्य और पेय पदार्थों की कीमतों में अनुमान से कहीं अधिक कमी के कारण हुआ. नायर ने कहा, ”हमारा अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025-26 में सीपीआई मुद्रास्फीति औसतन 2.6 प्रतिशत रहेगी. ऐसा जीएसटी युक्तिकरण और नरम खाद्य कीमतों के चलते होगा.” इक्रा का मानना है कि दिसंबर, 2025 में ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की कमी हो सकती है.

इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च (इंड-रा) के संयुक्त निदेशक पारस जसराय ने कहा कि खाद्य कीमतों में गिरावट की प्रवृत्ति अक्टूबर, 2025 तक बनी रहेगी, और टमाटर, प्याज, आलू तथा दालों जैसी प्रमुख वस्तुओं की कीमतों में दोहरे अंक में गिरावट आएगी. इंड-रा को उम्मीद है कि अक्टूबर, 2025 में खुदरा मुद्रास्फीति लगभग एक प्रतिशत होगी.

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments