Friday, September 25, 2026
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कर्नाटक में मुस्लिम ठेकेदारों के लिए आरक्षण तुष्टीकरण की पराकाष्ठा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर/बेलगावी/भोपाल. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस द्वारा सरकारी अनुबंधों में मुसलमानों को चार प्रतिशत आरक्षण दिए जाने का निर्णय ”तुष्टीकरण की पराकाष्ठा” है और यह भारतीय संविधान की मूल भावना के विरुद्ध है.
साय ने शनिवार रात जारी एक बयान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी सांसद राहुल गांधी से आग्रह किया कि वे कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को यह”असंवैधानिक” निर्णय तत्काल वापस लेने का निर्देश दें.

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस जहां भी सत्ता में आती है, वहां संविधान की मूल भावना को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करती है.
सिद्धरमैया के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने कर्नाटक सार्वजनिक खरीद पारर्दिशता (केटीपीपी) अधिनियम में संशोधन कर मुस्लिम ठेकेदारों को सरकारी निविदाओं में चार प्रतिशत आरक्षण देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है.

साय ने कहा, ”यह समाज में वैमनस्य पैदा करने की कांग्रेस की एक सोची-समझी साजिश है. अदालतें धर्म आधारित आरक्षण को पहले ही असंवैधानिक करार दे चुकी हैं इसलिए यह फैसला भी न्यायिक समीक्षा के दौरान टिक नहीं पाएगा. कांग्रेस वंचित वर्गों के अधिकारों से सिर्फ वोट बैंक की राजनीति के लिए खिलवाड़ कर रही है.” भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता ने कहा कि आदिवासियों, दलितों और वंचित तबकों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने खरगे पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह स्वयं वंचित वर्ग से संबंध रखते हैं, फिर भी वह कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के प्रभाव में आकर अपने समाज के खिलाफ साजिश का हिस्सा बन रहे हैं.
साय ने कहा, ”सावधान रहिए खरगे जी, इतिहास आपको माफ नहीं करेगा.”

कर्नाटक में सरकारी अनुबंधों में मुसलमानों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण का विरोध करेगी भाजपा : विजयेंद्र

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी सरकारी अनुबंधों में मुसलमानों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण के कांग्रेस सरकार के प्रस्ताव का विरोध करेगी. विजयेंद्र ने सरकारी अनुबंधों में मुसलमानों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण के प्रस्ताव को ‘असंवैधानिक’ और ‘सरकारी जिहाद’ करार देते हुए कहा कि भाजपा राज्य विधानमंडल के अंदर और बाहर दोनों जगह इसका कड़ा विरोध करेगी. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कांग्रेस की यह सरकार बिना किसी विकास के एक ‘कागजी शेर’ बन गई है और केवल अल्पसंख्यक तुष्टीकरण पर केंद्रित है.

विजयेंद्र ने कहा, ” हाल ही में सात मार्च को पेश किए गए अपने 16वें बजट में मुख्यमंत्री ने सरकारी अनुबंधों में मुस्लिम ठेकेदारों को चार प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा की है. शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक में इस संबंध में निर्णय भी लिया गया है. यह निर्णय असंवैधानिक है. ” उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण का कोई उल्लेख नहीं है.

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, ”सरकार का यह निर्णय धर्मों के बीच दरार या विभाजन अथवा खाई पैदा करने की साजिश है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मुख्यमंत्री इसमें शामिल हैं. भाजपा इस तुष्टिकरण की राजनीति की कड़ी निंदा करती है, पार्टी राज्य विधानसभा के अंदर और बाहर सरकार के इस अलोकतांत्रिक रुख के खिलाफ लड़ेगी और इसका विरोध करेगी.”

कर्नाटक में मुस्लिम ठेकेदारों को आरक्षण कांग्रेस के ‘अनैतिक चरित्र’ को दर्शाता है : मोहन यादव

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को कहा कि कर्नाटक में मुस्लिम ठेकेदारों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था वहां सत्तारूढ़ कांग्रेस के “अनैतिक चरित्रह्व का प्रतिबिंब है और यह कानून की कसौटी पर खरा नहीं उतरेगा. कर्नाटक की सिद्धरमैया सरकार के मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को कर्नाटक सार्वजनिक खरीद पारर्दिशता अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी थी, जिसके तहत दो करोड़ रुपये तक के (सिविल) कार्यों के ठेके और एक करोड़ रुपये तक के माल/सेवाओं के ठेके का चार प्रतिशत मुसलमानों के लिए आरक्षित किया गया है.

यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”कर्नाटक में कांग्रेस सरकार द्वारा शासकीय कार्यों में ठेकेदारों को धर्म आधारित आरक्षण की व्यवस्था का प्रावधान करना अनुचित एवं निंदनीय है. लोकतांत्रिक देश में इस तरह किसी धर्म विशेष को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से नियम-प्रावधान कैबिनेट से पास कर लागू करना, यही कांग्रेस का अनैतिक चरित्र है.” उन्होंने कहा, ”दलित, पिछड़े और समाज के वंचित लोगों के उत्थान के लिए भाजपा सरकार निरन्तर काम कर रही है; जिससे सभी वर्गों को समाज में पूर्ण सम्मान और अधिकार मिल सके.”

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