रायपुर। राजधानी रायपुर में पेयजल व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम नल मीटर रीडिंग योजना शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इस नई व्यवस्था की शुरुआत शहर की एक रेसिडेंशियल कॉलोनी से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की जाएगी।
नगर निगम आयुक्त विश्वदीप मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन कॉलोनियों और मोहल्लों में स्मार्ट सिटी लिमिटेड के माध्यम से नए नल मीटर लगाए गए हैं, वहां मीटर रीडिंग शुरू कर पानी की वास्तविक खपत के आधार पर शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया शुरू की जाए। वर्तमान में नगर निगम आवासीय कनेक्शन पर 200 रुपये मासिक तथा एक समान दर से लगभग 2400 रुपये वार्षिक शुल्क लेता है।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने नागपुर मॉडल को अपनाने का सुझाव दिया। इस मॉडल में निगम द्वारा नियुक्त एजेंसी घर-घर जाकर मीटर रीडिंग करती है और उसकी रिपोर्ट तैयार करती है। उपभोक्ता मोबाइल एप के माध्यम से मीटर रीडिंग की तस्वीर देखकर उसे सत्यापित भी कर सकते हैं। इसके लिए एक टोल-फ्री नंबर की सुविधा भी उपलब्ध रहती है, जिससे बिलिंग और जल उपयोग संबंधी जानकारी समय-समय पर प्राप्त की जा सकती है।
नगर निगम का मानना है कि मीटर आधारित बिलिंग व्यवस्था लागू होने से जल कर प्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी और निगम की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही नागरिकों को उनकी वास्तविक पानी की खपत के अनुरूप शुल्क देना होगा, जिससे जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिल सकता है।
अधिकारियों ने बैठक में यह भी जानकारी दी कि डूंडा क्षेत्र में बनने वाले नए वाटर फिल्टर प्लांट के साथ अटल नगर की कॉलोनियों के लिए आठ नई टंकियों का निर्माण भी किया जाएगा। इससे भविष्य में जल आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी।


