Friday, September 25, 2026
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प्रधानमंत्री ने नगरनार संयंत्र को लेकर छत्तीसगढ़ के लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया: कांग्रेस

नयी दिल्ली: कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने छत्तीसगढ़ में ‘नगरनार इस्पात संयंत्र’ के बारे में यह कहकर प्रदेश की जनता को गुमराह करने का प्रयास किया कि यह बस्तर की संपत्ति है, जबकि असलियत यह है कि वह इस संयंत्र को बेचने की तैयारी में हैं।

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह सवाल भी किया कि प्रधानमंत्री इस संयंत्र को अपने ‘पूंजीपति मित्रों’ को बेचने के बजाय इसे राज्य सरकार को चलाने की इजाजत क्यों नहीं देना चाहते? प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को बस्तर जिले के मुख्यालय जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ में 26 हजार करोड़ रुपये से अधिक की अनेक विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इन परियोजनाओं में नगरनार स्थित ‘एनएमडीसी स्टील लिमिटेड’ का इस्पात संयंत्र भी शामिल है।

उन्होंने यह भी कहा था कि इस संयंत्र से 50 हजार से ज्यादा युवाओं को रोजगार मिलेगा और इससे बस्तर की किस्मत बदलने वाली है। रमेश ने बृहस्पतिवार को जारी एक बयान में आरोप लगाया, ‘‘जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं प्रधानमंत्री और भी ज्Þयादा झूठ बोल रहे हैं। इस बार उन्होंने छत्तीसगढ़ के लोगों को गुमराह करने की कोशिश की। बस्तर में उन्होंने कहा कि ‘नगरनार इस्पात संयंत्र’ बस्तर के लोगों की संपत्ति है और उनके पास ही रहेगा। जबकि सच्चाई ठीक इसके विपरीत है।’’

उन्होंने दावा किया, ‘‘वर्ष 2020 के अक्टूबर महीने में केंद्र सरकार ने नगरनार इस्पात संयंत्र में 50.79 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का निर्णय लिया था। 14 अक्टूबर 2020 की पीआईबी की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक यह प्रधानमंत्री की ही अध्यक्षता में मंत्रिमंडल के आर्थिक मामलों की समिति द्वारा लिया गया निर्णय था।

इस निर्णय के क्रियान्वयन का कार्य भारत सरकार के वित्त विभाग के अंतर्गत आने वाले निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग को सौंपा गया है। इस विभाग ने इसके लिए 2 दिसंबर 2022 को बोली आमंत्रित की।’’ उनके अनुसार, खबरों में कहा गया है कि नगरनार इस्पात संयंत्र को खरीदने के लिए पांच निजी कंपनियों ने प्रस्ताव दिए थे जिसमें से एक अडाणी समूह भी था।

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से नगरनार इस्पात संयंत्र के निजीकरण का विरोध करती रही है उनका कहना है, ‘‘राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद भी हमारा रुख बिलकुल साफ है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कई बार कह चुके हैं कि यदि केंद्र सरकार नगरनार इस्पात संयंत्र को नहीं चला सकती तो राज्य सरकार को सौंप दे।’’

रमेश ने सवाल किया, ‘‘प्रधानमंत्री इस संयंत्र को अपने पूंजीपति मित्रों को बेचने के बजाए इसे राज्य सरकार को चलाने की इजाजत क्यों नहीं देना चाहते? जब नगरनार इस्पात संयंत्र को निजी हाथों में सौंपने की पूरी तैयारी हो चुकी है, तो यह बस्तर के लोगों की संपत्ति कैसे रहेगी? प्रधानमंत्री इस तरह से झूठ बोलना कब बंद करेंगे?’’

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