Sunday, September 27, 2026
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UP चुनाव से पहले कांशीराम पर सियासत… BSP चीफ मायावती ने राहुल के साथ-साथ अखिलेश को भी घेरा

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग की है. इस पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इस मांग को ‘हास्यास्पद’ और चुनावी राजनीति से प्रेरित बताया. मायावती ने कांग्रेस और सपा को ‘दलित-विरोधी’ करार देते दिया.

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बहुजन समाज पार्टी (BSP) के संस्थापक कांशीराम को भारत रत्न देने की है, इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा है. वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी ये मांग की है. वहीं अब इस मामले पर BSP सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का बयान सामने आया है. उन्होंने कांग्रेस और सपा दोनों पर तीखा हमला किया है.

 

‘सपा और कांग्रेस दलित-विरोधी पार्टियां’

अपनी पोस्ट में मायावती ने कहा ‘सपा और कांग्रेस आदि ये दलित-विरोधी पार्टियां, इस बार उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही, इनके वोटों के स्वार्थ में BSP के जन्मदाता एवं संस्थापक मान्यवर श्री कांशीराम जी की सोची-समझी रणनीति के तहत् जयंती मनाकर और कांग्रेस पार्टी तो अपनी केन्द्र की सरकार में रहकर इनको भारतरत्न की उपाधि ना देकर, अब दूसरी पार्टी की सरकार से देने की मांग कर रही है, यह हास्यास्पद नहीं है तो क्या है?’.

 

‘इन पार्टियों के महापुरुषों में कोई जान नहीं’

इसके आगे उन्होंने कहा कि ‘ये पार्टियां शुरू से ही बीएसपी को खत्म करने में लगी रही हैं, जिस पार्टी की कांशीराम ने खुद नींव रखी है, जिसे इनकी एकमात्र उत्तराधिकारी एवं बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष के जीते-जी कोई हिला नहीं सकता है’. उन्होंने कहा कि ‘ इतना ही नहीं बल्कि इससे ऐसा भी लगता है कि इन पार्टियों के महापुरुषों में कोई जान नहीं रही है, जो अब ये हमारे महापुरुषों को भुनाने में लगे हैं, जिन्होंने मान्यवर श्री कांशीराम जी के जीते-जी हर मामले में हमेशा इनकी उपेक्षा की है’.

‘चमचा युग के नाम से अंग्रेजी में एक किताब’

मायावती ने कहा ‘इनके सम्मान में BSP सरकार द्वारा किये गये कार्यों को भी सपा सरकार द्वारा अधिकांशः बदल दिया गया है. यह है इन पार्टियों का इनके प्रति दोगला चाल और चरित्र. इसलिए यदि सपा और कांग्रेस आदि के खासकर दलित चमचे चुप रहें तो उनके लिए यह बेहतर होगा. यही सलाह. हालांकि ऐसे लोगों से दूरी बनाने के लिए ही मान्यवर श्री कांशीराम जी ने ‘चमचा युग के नाम से अंग्रेजी में एक किताब भी लिखी है’.

राहुल और कांग्रेस ने की थी मांग

कांग्रेस के नेता राहुल गांधी की मौजूदगी में एक कार्यक्रम के दौरान 13 मार्च को प्रस्ताव पास किया गया था कि कांशीराम को भारत रत्न दिया जाए. इस दौरान यह भी कहा गया था कि यह तभी होगा जब राहुल गांधी, प्रधानमंत्री बनेंगे. इसके अलावा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग की है.

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