बेमेतरा. छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में विस्फोटक बनाने वाली फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के कुछ दिनों बाद जिला प्रशासन ने बुधवार को इकाई में उत्पादन और संबंधित गतिविधियों को बंद करने का आदेश दिया. बेरला विकासखंड के पिरदा गांव के पास 25 मई को ‘स्पेशल ब्लास्ट लिमिटेड’ में हुए विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और कम से कम सात लोग घायल हुए थे. यहां बचावर्किमयों को मलबे में शरीर के अंग भी मिले हैं. जिला प्रशासन के अनुसार, विस्फोट के बाद आठ कर्मचारी लापता हैं. मलबे में मिले शरीर के अंगों को पहचान के लिए डीएनए जांच के लिए भेजा गया है.
बेमेतरा कलेक्टर रणबीर शर्मा द्वारा बुधवार को जारी आदेश में कहा गया है, ”स्पेशल ब्लास्ट लिमिटेड परिसर में विस्फोट के कारण जनहानि हुई है. इस घटना के कारण लोक सुरक्षा को देखते हुए कारखाना परिसर में उत्पादन एवं उससे संबंधित अन्य गतिविधियां आगामी आदेश तक बंद रखने का आदेश दिया जाता है. कारखाने में उपलब्ध विस्फोटक पदार्थों की समुचित सुरक्षा का दायित्व कारखाना प्रबंधक का होगा.” इस बीच जिला प्रशासन ने राज्य सरकार की घोषणा के अनुसार मजिस्ट्रेट जांच के आदेश जारी कर दिए हैं.
सत्ताईस मई को जारी आदेश के अनुसार, बेमेतरा जिले के बेरला क्षेत्र की अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) पिंकी मनहर को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है. जांच में विस्फोट का कारण, फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा किए गए सुरक्षा उपायों की पड़ताल, लाइसेंस, भंडारण और उपयोग का विवरण और दुर्घटना के संबंध में कोई गलती या लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी निर्धारित करने जैसे बिंदुओं को शामिल किया गया है. जांच अधिकारी को 45 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देनी होगी. अधिकारियों ने बताया कि मजिस्ट्रेट जांच के बाद घटना की प्राथमिकी दर्ज की जाएगी.
राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को पांच लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का आदेश दिया है. कलेक्टर ने पहले कहा था कि फैक्ट्री प्रबंधन को आठ लापता श्रमिकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मृतकों के लिए घोषित मुआवजा मलबे में मिले शरीर के अंगों के डीएनए परीक्षण के बाद लापता श्रमिकों के परिजनों को दिया जाएगा.


