Saturday, September 26, 2026
Homeदेश विदेशबिहार में अगले पांच वर्षों में एक करोड़ रोजगार सृजित किए जायेंगे...

बिहार में अगले पांच वर्षों में एक करोड़ रोजगार सृजित किए जायेंगे : राज्यपाल

पटना. बिहार के राज्यपाल अरिफ मोहम्मद खान ने बुधवार को कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार ने अगले पांच वर्षों में “एक करोड़ रोजगार” सृजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. वह विधानमंडल के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित कर रहे थे, जो हाल के विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की प्रचंड जीत के बाद बुलायी गयी थी.

राज्यपाल ने अपने अभिभाषण की शुरुआत “मतदाताओं, विशेषकर महिलाओं” को “बड़ी संख्या में मतदान करने” के लिए धन्यवाद देते हुए की और निर्वाचन आयोग की “सफलतापूर्वक” चुनाव कराने के लिए सराहना की. उन्होंने कहा कि “24 नवंबर 2005” को नीतीश कुमार की पहली सरकार बनने के बाद से “बिहार में बहुत कुछ उपलब्धि हासिल की गई है” तथा “अगले पांच वर्षों में यह कार्य और आगे बढ.ाया जाएगा”.

राज्यपाल ने कहा, “शुरू से ही सरकार का प्रयास युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोजगार और आजीविका के अन्य साधन उपलब्ध कराने का रहा है. 2020 में ‘सात निश्चय पार्ट-2’ के अंतर्गत 10 लाख सरकारी नौकरियां और उतने ही अन्य रोजगार अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा गया था.” उन्होंने कहा कि अब तक “50 लाख युवाओं को रोजगार मिला है, जिनमें 10 लाख सरकारी नियुक्तियां शामिल हैं. अगले पांच वर्षों के लिए एक करोड़ रोजगार सृजित करने का लक्ष्य तय किया गया है.” राज्यपाल ने केंद्र सरकार द्वारा बिहार को प्रदान किए जा रहे “पूर्ण सहयोग” को रेखांकित करते हुए कहा कि पिछले वर्ष केंद्रीय बजट में “विशेष आर्थिक सहायता” के तहत सड़कों, उद्योगों, पर्यटन, स्वास्थ्य सेवाओं और बाढ. नियंत्रण के लिए “बड़ी राशि” का प्रावधान किया गया था.

उन्होंने कहा कि इस वर्ष फरवरी में पेश बजट में मखाना बोर्ड गठन, नए हवाई अड्डों के लिए आर्थिक सहायता तथा पश्चिम कोसी नहर परियोजना के लिए घोषणाएं की गईं. उन्होंने कहा कि राज्य को इस वर्ष “खेलो इंडिया यूथ गेम्स” की मेजबानी का अवसर मिलने पर भी गर्व है.

उन्होंने कहा, ” प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी” ने बिहार के लिए कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया है और “तेज गति से कार्य चल रहा है. हम प्रधानमंत्री प्रति आभार व्यक्त करते हैं.” राज्यपाल ने दावा किया कि राज्य में “प्यार, भाईचारा और शांति” का वातावरण है और लोग “हर प्रकार के भय से मुक्त” होकर रह रहे हैं. यह टिप्पणी उन्होंने पूर्ववर्ती राजद सरकार के समय को “जंगलराज” कहे जाने के संदर्भ में की. उन्होंने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता कानून का शासन रहा है.

उन्होंने बताया कि 24 नवंबर 2005 को नई सरकार बनने के समय बिहार पुलिस में 42,481 कर्मी थे, जो अब बढ.कर 1.26 लाख हो गये. खान ने कहा कि 2023 में सरकार ने पुलिस बल में र्किमयों की संख्या बढ.ाकर 2.29 लाख करने का निर्णय लिया था और इस दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है. उनका कहना था कि राज्य में थानों की संख्या भी 814 से बढ.कर 1,380 हो गई है.

राज्यपाल ने बताया कि आपातकालीन सेवा “112” अब राज्य के हर कोने से उपलब्ध है, जबकि पहले यह केवल शहरों और जिला मुख्यालयों तक सीमित थी. राज्यपाल ने स्वास्थ्य क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों का भी उल्लेख किया और बताया कि मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों का उन्नयन किया जा रहा है तथा नए संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर सड़क निर्माण हुआ है और अब “सबसे दूरस्थ जिला मुख्यालय से भी राजधानी छह घंटे से अधिक दूर नहीं” है.

उन्होंने कहा कि पांच नए एक्सप्रेसवे पर काम चल रहा है, जिनसे यात्रा समय और कम होगा. खान ने बताया कि महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण सरकारी नौकरियों में और 50 प्रतिशत आरक्षण पंचायत तथा नगर निकायों में देकर अधिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है. उन्होंने 2006 में विश्व बैंक की सहायता से शुरू किए गए स्वयं सहायता समूहों (जीविका) के विस्तार का भी उल्लेख किया, जिनकी संख्या अब 11 लाख से अधिक है और इनमें 1.40 करोड़ महिलाएं शामिल हैं.

राज्यपाल का कहना था कि शहरी क्षेत्रों में 1.41 लाख स्वयं सहायता समूहों में चार लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं. राज्यपाल ने हाल में शुरू की गई र्चिचत “मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना” का भी जिक्र किया, जिसके तहत विधानसभा चुनाव की घोषणा से एक माह पूर्व महिलाओं को 10,000 रुपए की सहायता दी गई थी.

उन्होंने कहा कि “1.56 करोड़ महिलाएं” यह राशि प्राप्त कर चुकी हैं और शेष पात्र महिलाओं को भी यह राशि उपलब्ध कराई जाएगी. उन्होंने कहा कि लाभार्थी यदि इस राशि से कोई व्यवहार्य व्यवसाय स्थापित करती हैं तो उन्हें “दो लाख रुपए तक अतिरिक्त सहायता” दी जाएगी.

राज्यपाल ने अनुसूचित जाति, जनजाति और अल्पसंख्यकों के कल्याण को लेकर सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया. अभिभाषण की शुरुआत में ‘ऑडियो सिस्टम’ में तकनीकी गड़बड़ी के कारण कुछ हलचल हुई, लेकिन राज्यपाल ने सदस्यों को शांत करते हुए कहा कि वे “तेज आवाज में पूरा भाषण पढ. देंगे”, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो गई.

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments