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नरसिंहपुर को मिलेगी बड़ी सौगात, 30 लाख रुपये से बनेगा प्रदेश का दूसरा साइंस प्ले पार्क

नरसिंहपुर.

जिले के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और प्रयोगात्मक सीखने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देने के लिए बड़ी पहल हुई है। स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह के प्रयासों से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) नरसिंहपुर में मध्य प्रदेश के दूसरे साइंस प्ले पार्क की स्थापना की स्वीकृति मिली है।

डाइट प्राचार्य राजीव किशोर श्रीवास्तव ने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग की वार्षिक कार्ययोजना 2026-27 के तहत इस पार्क के लिए 30 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है।

अध्ययन दल का भोपाल और अलीराजपुर का दौरा
पार्क की स्थापना की विस्तृत रूपरेखा तैयार करने के लिए डाइट प्राचार्य के निर्देशन में गठित विज्ञान समिति के अध्ययन भ्रमण दल ने आंचलिक विज्ञान केंद्र भोपाल और प्रदेश के पहले साइंस प्ले पार्क डाइट अलीराजपुर का दौरा किया। इस दल में वरिष्ठ व्याख्याता डॉक्टर अलका शर्मा, श्रद्धा शुक्ला, गोविंद बड़कुर, व्याख्याता संजय कुमार शर्मा और उच्च माध्यमिक शिक्षक पी.एस. पटेल शामिल रहे। दल ने राज्य शिक्षा केंद्र के अधिकारियों आर.के. त्रिपाठी और प्रेमसिंह सिसोदिया के मार्गदर्शन में वहां स्थापित विज्ञान मॉडलों, गतिविधियों और उपलब्ध संसाधनों का गहन अध्ययन किया।

देखेंगे, छुएंगे, प्रयोग करेंगे और निष्कर्ष निकालेंगे विद्यार्थी
प्रस्तावित साइंस प्ले पार्क में ऐसी गतिविधियां और मॉडल स्थापित किए जाएंगे, जिनसे विद्यार्थी देखकर, समझकर, छूकर और स्वयं प्रयोग करके विज्ञान की जटिल अवधारणाओं को सरलता से समझ सकेंगे। इससे विज्ञान की पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित न रहकर गतिविधि एवं प्रयोगात्मक अनुभव पर आधारित बनेगी। अध्ययन भ्रमण के बाद डाइट प्रशासन द्वारा 15 दिनों के भीतर साइंस प्ले पार्क की स्थापना की विस्तृत कार्ययोजना राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल को प्रस्तुत की जाएगी। इसमें पार्क के मॉडल, गतिविधियां, आवश्यक संसाधन और अन्य व्यवस्थाओं का पूर्ण विवरण होगा, जिसके बाद आगे की निर्माण प्रक्रिया शुरू होगी।

विद्यार्थी देख, समझकर निष्कर्ष निकाल सकेंगे –
विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और प्रयोगात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के उद्देश्य से डाइट नरसिंहपुर में प्रदेश का दूसरा साइंस प्ले पार्क विकसित किया जाएगा। भ्रमण दल के निरीक्षण के आधार पर कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिससे विद्यार्थी देखकर, समझकर, प्रयोग करके निष्कर्ष निकाल सकेंगे। 
– राजीव किशोर श्रीवास्तव, प्राचार्य, डाइट नरसिंहपुर

प्रायोगिक कार्य के प्रति रुचि विकसित होगी –
जब विद्यार्थी साइंस प्ले पार्क से होकर प्रयोगशाला में प्रवेश करेंगे, तब उनमें प्रायोगिक कार्य के प्रति स्वाभाविक रुचि विकसित होगी। गतिविधि आधारित मॉडल विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और तर्क करने की क्षमता बढ़ाने में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे।
– गोविंद बड़कुर, वरिष्ठ व्याख्याता एवं भ्रमण दल सदस्य

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