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मेरे पति वांगचुक को बदनाम करने के लिए राष्ट्र विरोधी के तौर पर पेश किया जा रहा है: गीतांजलि एंगमो

नयी दिल्ली/लेह/जम्मू. सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि एंगमो ने मंगलवार को कहा कि उनके पति को “राष्ट्र विरोधी” के तौर पर पेश करने के लिए झूठी बातें फैलाई जा रही हैं. एंगमो ने यहां पत्रकारों से बात करते हुए अधिकारियों को आरोपों पर खुली बहस की चुनौती दी, जिसमें पाकिस्तान से संबंध रखने वाले आरोप भी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि न तो वह वांगचुक से संपर्क कर पाई हैं और न ही प्रशासन ने उन्हें वांगचुक के खिलाफ आरोपों का विवरण देने वाले औपचारिक दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं.

एंगमो ने दावा किया, “सोनम वांगचुक पर एनएसए लगाने की कोई जरूरत नहीं थी; वे एकतरफा बयान दे रहे हैं.” उन्होंने कहा कि वह खुद को “लगभग नजरबंद” महसूस कर रही थीं और उन्होंने अपनी बात कहने के लिए राष्ट्रीय राजधानी आने का फैसला किया.
एंगमो ने कहा कि लद्दाख आंदोलन को कमजोर करने के लिए यह स्थिति पैदा की गई. उन्होंने दावा किया कि वांगचुक के संगठनों हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स लद्दाख (एचआईएएल) और लद्दाख के छात्रों के शैक्षिक व सांस्कृतिक आंदोलन (एसईसीएमओएल) ने सीबीआई और आयकर विभाग के अधिकारियों को सभी स्पष्टीकरण दस्तावेज प्रदान किए हैं. उन्होंने आरोप लगाया, “हमारे खिलाफ साजिश रची जा रही है. हमने सीबीआई से लेकर आयकर विभाग तक के अधिकारियों को सभी दस्तावेज सौंप दिए हैं, फिर भी सोनम को बदनाम किया जा रहा है, ताकि आंदोलन को कमजोर किया जा सके.”

लेह में कर्फ्यू में 7 घंटे की ढील

केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के हिंसा प्रभावित लेह शहर में मंगलवार सुबह 10 बजे से कफ्र्यू में सात घंटे की ढील दी गई जिसके बाद बाजार धीरे-धीरे खुल गए और सप्ताह भर से लगे प्रतिबंधों से जूझ रहे लोगों को राहत मिली. इससे पहले सोमवार को शाम चार बजे से दो घंटे के लिए प्रतिबंधों में ढील दी गई थी. यह 24 सितंबर को प्रदर्शनकारियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच व्यापक झड़पों में जान गंवाने वाले एक सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी सहित चार लोगों के अंतिम संस्कार के तुरंत बाद किया गया था.

एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “पिछले बुधवार को हुई हिंसा को छोड़कर, कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है. संवेदनशील इलाकों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की बड़ी संख्या में तैनाती की गई है और वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़ी निगरानी रख रहे हैं.” मंगलवार को कफ्र्यू में पहले सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक ढील दी गई थी और बाद में इसे ब­ढ़ा दिया गया.

अधिकारी ने कहा कि छूट को आगे ब­ढ़ाने का निर्णय उभरती स्थिति के आधार पर लिया जाएगा. लेह में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट गुलाम मोहम्मद ने छूट अवधि के दौरान सभी किराने का सामान, आवश्यक सेवाएं, हार्डवेयर और सब्जी की दुकानें खोलने का आदेश दिया. इससे पहले शनिवार को पहली बार अलग-अलग इलाकों में दोपहर एक बजे और सा­ढ़े तीन बजे से दो-दो घंटे के लिए कफ्र्यू में ढील दी गई थी.

अधिकारियों ने बताया कि लेह शहर में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अब भी निलंबित हैं और कारगिल समेत केंद्र शासित प्रदेश के अन्य प्रमुख हिस्सों में पांच या अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध अभी भी लागू है. उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता लगभग रोजाना उच्च-स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता कर रहे हैं. सोमवार को उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और इसे “विकास की आधारशिला” बताया.

गुप्ता ने कहा था, “मैं समाज के सभी वर्गों से एकता और सद्भाव बनाए रखने और असामाजिक व राष्ट्र-विरोधी तत्वों के षड्यंत्रों का शिकार न होने का आग्रह करता हूं. प्रशासन जनता के साथ मजबूती से खड़ा है और उनकी सुरक्षा, सम्मान और प्रगति सुनिश्चित करेगा.” उन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उल्लेखनीय संयम और प्रतिबद्धता दिखाने के लिए जनता की सराहना की और उनके हर जायज. मुद्दे का बातचीत और लोकतांत्रिक तरीकों से समाधान करने का वादा किया.

उपराज्यपाल ने प्रशासन और नागरिकों के बीच विश्वास को मजबूत करने के लिए खुफिया जानकारी जुटाने, नियमित सामुदायिक सहभागिता और सार्वजनिक शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए स्पष्ट निर्देश भी जारी किए. लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) के एक घटक द्वारा आहूत बंद के दौरान हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद 24 सितंबर की शाम को लेह शहर में कफ्र्यू लगा दिया गया था.

यह बंद लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची के विस्तार की मांगों पर केंद्र के साथ बातचीत को आगे ब­ढ़ाने के लिए किया गया था. घटना के बाद दो पार्षदों समेत 60 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया. इनमें जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल हैं, जिन्हें 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत हिरासत में लिया गया था और बाद में राजस्थान की जोधपुर जेल में बंद कर दिया गया.

लद्दाख के डीजीपी के प्रसारित वीडियो में की गई है छेड़छाड़ : पीआईबी फैक्टचेक

पत्र सूचना ब्यूरो (पीआईबी) ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे उस कथित वीडियो को मंगलवार को डीपफेक बताया जिसमें लद्दाख के पुलिस महानिदेशक एस डी सिंह यह दावा करते हुए दिखाई दे रहे हैं कि कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को रक्षा मंत्री के निर्देश पर गिरफ्तार किया गया था. पीआईबी की ‘फैक्टचेक’ इकाई ने तथ्यों का विश्लेषण करने के बाद बताया कि डीजीपी ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है.

पीआईबी की ‘फैक्ट चेक’ इकाई ने कहा, ”डिजिटल रूप से छेड़छाड़ कर बनाया गया लद्दाख के डीजीपी डॉ. एस डी सिंह का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, जिसमें उन्हें यह दावा करते हुए दिखाया गया है कि सोनम वांगचुक को रक्षा मंत्री के निर्देश पर बिना किसी सबूत के गिरफ्तार किया गया.” इकाई ने कहा, ”ऐसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जनित वीडियो से सावधान रहें, जो जनता को गुमराह करने तथा भ्रम और दहशत पैदा करने के इरादे से साझा किए जाते हैं.” पीआईबी की ‘फैक्टचेक’ इकाई ने लोगों को सतर्क रहने, साझा करने से पहले हमेशा सामग्री की पुष्टि करने और गलत सूचना के प्रसार को रोकने में मदद करने की सलाह दी.

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