प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पांच देशों के दौरे के आखिरी पड़ाव पर मंगलवार को दो दिवसीय यात्रा के लिए रोम पहुंचे, जहां इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों अपने पांच देशों की आधिकारिक विदेश यात्रा पर हैं। अपनी इस महत्वपूर्ण यात्रा के आखिरी पड़ाव पर मंगलवार को वह इटली की राजधानी रोम पहुंचे। रोम पहुंचते ही इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी एक तस्वीर साझा करते हुए बेहद आत्मीयता के साथ लिखा, “Welcome my friend”।
दरअसल, दोनों शीर्ष नेताओं की यह मुलाकात महज एक औपचारिक कूटनीतिक भेंट नहीं है, बल्कि पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच तेजी से मजबूत हुए रणनीतिक और आर्थिक संबंधों की गवाही देती है। रक्षा, ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला जैसे बड़े रणनीतिक मुद्दों पर दोनों देशों की साझेदारी अब एक नई ऊंचाई पर पहुंच चुकी है।
4 साल में 7 मुलाकातें और बदलती वैश्विक राजनीति का संकेत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने पिछले चार सालों के भीतर कुल 7 बार द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मुलाकात की है। इस निरंतर संवाद ने भारत और इटली के द्विपक्षीय रिश्तों को अभूतपूर्व मजबूती दी है।
अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत और इटली की यह बढ़ती नजदीकी सिर्फ दो देशों के आपसी रिश्तों की कहानी नहीं है, बल्कि यह बदलती वैश्विक राजनीति का एक बड़ा और मजबूत संकेत भी है।
एक तरफ भारत यूरोपीय महाद्वीप में अपनी रणनीतिक पकड़ को और अधिक मजबूत करना चाहता है, तो वहीं दूसरी तरफ इटली भी एशिया की इस सबसे तेजी से बढ़ती आर्थिक महाशक्ति के साथ अपने जुड़ाव को नई दिशा देने के लिए बेहद उत्सुक है।
”इंडो-मेडिटेरेनियन कॉरिडोर” और आईएमईसी पर हुआ विशेष करार
रोम पहुंचते ही प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट कर अपनी इस यात्रा का मुख्य एजेंडा देश और दुनिया के सामने रखा। पीएम मोदी ने बताया कि इस दौरे के दौरान भारत और इटली के बीच द्विपक्षीय सहयोग को कैसे और अधिक मजबूत किया जाए, मुख्य रूप से इसी पर फोकस रहेगा।
वार्ता के दौरान ‘इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर’ (IMEC) और “इंडो-मेडिटेरेनियन कॉरिडोर” की अवधारणा को औपचारिक रूप देने पर खास ध्यान दिया गया।
इस विशाल कॉरिडोर का मुख्य मकसद हिंद महासागर से लेकर सीधे यूरोप तक एक बेहद सुरक्षित समुद्री व्यापारिक मार्ग और मजबूत रणनीतिक कनेक्टिविटी का नेटवर्क तैयार करना है, जिससे दोनों देशों के व्यापार को भारी गति मिलेगी।
आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता और एआई तकनीक पर बड़ी साझेदारी
द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनों देशों ने सुरक्षा और तकनीकी मोर्चे पर भी कई ऐतिहासिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। नवंबर 2025 में जोहान्सबर्ग में हुए जी20 सम्मेलन के दौरान दोनों देशों ने “इंडिया-इटली जॉइंट इनिशिएटिव टू काउंटर फाइनेंसिंग ऑफ टेररिज्म” लॉन्च किया था, जिसके तहत हाल ही में दिल्ली में हुए हाई-प्रोफाइल आतंकी हमले के बाद मेलोनी ने भारत के साथ खुलकर एकजुटता दिखाई।
दोनों देशों ने आतंकियों को मिलने वाली अवैध फंडिंग और क्रॉस-बॉर्डर वित्तीय नेटवर्क को रोकने के लिए संदिग्ध ट्रांजैक्शन पर संयुक्त निगरानी बढ़ाने पर सहमति जताई है। इसके अलावा, भविष्य की तकनीक यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर भी एक बड़ा समझौता हुआ है, जिसमें इटली के “एल्गोर-एथिक्स” मॉडल के साथ भारत की “ह्यूमन सेंट्रिक एआई” सोच को समाहित करने का प्रयास किया गया है।


