रायपुर। छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। अस्पताल के मेडिकल इंटेंसिव केयर यूनिट (MICU-2) में 20 बेड वाले वार्ड के मल्टी-पैरामीटर मॉनिटर वर्ष 2022 से बंद पड़े हैं। गंभीर मरीजों की निगरानी के लिए अत्यंत आवश्यक माने जाने वाले ये उपकरण पिछले चार वर्षों से निष्क्रिय हैं, लेकिन अब तक इन्हें सुधारने या बदलने की ठोस व्यवस्था नहीं हो सकी है।
जानकारी के अनुसार ICU में लगे मॉनिटर मरीजों की हृदय गति, रक्तचाप, ऑक्सीजन सैचुरेशन, श्वसन दर और शरीर के तापमान जैसे महत्वपूर्ण संकेतों की लगातार निगरानी करते हैं। किसी भी असामान्य स्थिति में ये उपकरण तत्काल अलार्म देकर डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को सतर्क करते हैं। लेकिन मॉनिटर बंद होने के कारण अस्पताल कर्मियों को मरीजों की निगरानी मैन्युअल तरीके से करनी पड़ रही है।
सूत्रों के मुताबिक, गंभीर मरीजों की स्थिति में पल-पल बदलाव संभव होता है। ऐसे में आधुनिक निगरानी प्रणाली के अभाव में समय पर सही जानकारी मिलना चुनौती बन गया है। अस्पताल में कई बार इस समस्या को लेकर शिकायतें और पत्राचार किए जाने के बावजूद समाधान नहीं निकल पाया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ICU जैसी संवेदनशील इकाई में मॉनिटरिंग सिस्टम का वर्षों तक बंद रहना मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है। इससे न केवल इलाज की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में जोखिम भी बढ़ सकता है।
वहीं अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मामले की जानकारी ली जा रही है और तकनीकी रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद स्थिति स्पष्ट की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकारी अस्पतालों में उपकरणों के रखरखाव को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


