Saturday, September 26, 2026
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मराठा आरक्षण आंदोलन: दक्षिण मुंबई के पुलिस थानों में नौ मामले दर्ज

मुंबई: मराठा आरक्षण आंदोलन के प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दक्षिण मुंबई के छह पुलिस थानों में गैरकानूनी तरीके से एकत्र होने और निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने के आरोप में नौ मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस के एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि आजाद मैदान पुलिस थाने में तीन मामले, मरीन ड्राइव में दो और माता रामबाई आंबेडकर मार्ग, डोंगरी, जेजे मार्ग तथा कोलाबा पुलिस थानों में एक-एक मामला दर्ज किया गया है। शिक्षा और सरकारी नौकरियों में मराठों के लिए आरक्षण की मांग को लेकर 29 अगस्त को आजाद मैदान में भूख हड़ताल शुरू करने के बाद मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जारंगे के हजारों समर्थक दक्षिण मुंबई में एकत्र हुए थे।

जरांगे के समर्थकों ने आयोजन स्थल के आसपास की जगहों पर कब्जा कर लिया था और कई सड़कें जाम कर दी थीं। मराठा समुदाय के सदस्यों को दक्षिण मुंबई में विभिन्न स्थानों पर घूमते और मंत्रालय, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज, जेजे मार्ग, डोंगरी और कोलाबा जैसे इलाकों में विरोध प्रदर्शन करते देखा गया।

जरांगे द्वारा मंगलवार को अपना आंदोलन वापस लेने के बाद प्रदर्शनकारी चले गए। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इन पांच दिनों के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस द्वारा निर्धारित विभिन्न शर्तों का उल्लंघन किया।
उन्होंने बताया कि मराठा आरक्षण आंदोलन के प्रदर्शनकारियों के खिलाफ गैरकानूनी ढंग से एकत्र होने तथा मुंबई पुलिस की निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने के सिलसिले में कुल नौ मामले दर्ज किए गए हैं।

पुलिस ने मंगलवार को मराठा आरक्षण आंदोलन के आयोजकों को अपना विरोध प्रदर्शन एक दिन बढ़ाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। अधिकारी ने बताया कि विभिन्न घटनाओं को ध्यान में रखते हुए मराठा आरक्षण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ छह पुलिस थानों में मामले दर्ज किए गए हैं।

दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में 29 अगस्त को अनशन शुरू करने वाले जरांगे ने मंगलवार शाम को सरकार द्वारा उनकी अधिकतर मांगें मान लेने के बाद अपना प्रदर्शन वापस ले लिया, जिसमें पात्र मराठों को ‘कुनबी’ जाति प्रमाण पत्र प्रदान करना भी शामिल है जिससे मराठा समुदाय के लोग अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को मिलने वाले आरक्षण लाभों के पात्र हो जाएंगे। राज्य सरकार ने सितंबर 2025 तक मराठा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सभी लंबित मामलों को वापस लेने पर भी सहमति व्यक्त की है।

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