Thursday, September 24, 2026
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आईपीएस आत्महत्या मामला: पंजाब कांग्रेस ने की पुलिस अधिकारी के परिवार के लिए न्याय की मांग

चंडीग­ढ़/नयी दिल्ली. पंजाब कांग्रेस ने आईपीएस (भारतीय पुलिस सेवा) अधिकारी वाई पूरण कुमार की कथित आत्महत्या मामले में रविवार को हरियाणा की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की आलोचना की और अधिकारी के परिवार के लिए न्याय की मांग की. कांग्रेस की पंजाब इकाई के प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने यहां मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि अगर वाई पूरण कुमार जैसे आईपीएस अधिकारी सुरक्षित नहीं हैं, तो कोई और भी सुरक्षित नहीं है.

वडिंग ने कहा कि कांग्रेस कुमार के परिवार के लिए न्याय की मांग को लेकर सोमवार को पंजाब के जिला मुख्यालयों पर कैंडल मार्च निकालेगी. वाई पूरण कुमार (52) 2001 बैच के अधिकारी थे उन्होंने मंगलवार को यहां सेक्टर 11 स्थित अपने आवास पर कथित तौर पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी. कुमार ने एक ‘सुसाइड नोट’ छोड़ा है. वडिंग ने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर धर्म और जाति के आधार पर ध्रुवीकरण और लोगों को बांटने का भी आरोप लगाया.

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जिनके नाम का जिक्र अधिकारी ने अपने सुसाइड नोट में किया था और जिन पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था. चन्नी ने कहा कि यदि ”सुसाइड नोट” है, तो प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि कुमार के मामले में, चंडीग­ढ़ पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी में उन अधिकारियों का उल्लेख नहीं है जिनका नाम सुसाइड नोट में है. चन्नी ने कहा कि कुमार की मृत्यु को छह दिन बीत चुके हैं और कुमार ने सुसाइड नोट में जिन लोगों का नाम लिया था, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई. चन्नी ने आरोप लगाया कि हरियाणा भाजपा नेता हर दिन कुमार के घर जा रहे हैं और परिवार पर न्याय नहीं मांगने का दबाव बना रहे हैं.

कांग्रेस सांसद ने कहा कि कुमार की पत्नी, अमनीत पी कुमार पंजाब से हैं और हरियाणा में एक आईएएस अधिकारी हैं. चन्नी ने आरोप लगाया कि एक आईएएस अधिकारी होने के बावजूद, उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है क्योंकि वह एक दलित परिवार से हैं. पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रधान न्यायाधीश का मुद्दा भी उठाया और कहा कि उनकी ओर जूता उछालने की कोशिश की गई थी. उन्होंने उत्तर प्रदेश के रायबरेली की एक घटना का भी उल्लेख किया और कहा कि एक दलित व्यक्ति को चोर समझकर कथित तौर पर पीट-पीटकर मार डाला गया. चन्नी ने कहा कि पंजाब में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं जिसमें डॉ. बी. आर. आंबेडकर की मूर्तियों को तोड़ा गया है.

आईपीएस अधिकारी की मौत मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए, चन्नी ने कहा कि कांग्रेस मृतक के परिवार के साथ खड़ी है.
हरियाणा सरकार ने शनिवार को रोहतक के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारणिया को हटा दिया था, जो उन अधिकारियों में से एक थे जिनके खिलाफ पूरण कुमार की पत्नी ने कथित तौर पर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में कार्रवाई की मांग की थी.

खरगे ने हरियाणा के दिवंगत आईपीएस अधिकारी की पत्नी को पत्र लिखा, न्याय की लड़ाई में समर्थन जताया

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के दिवंगत अधिकारी वाई पूरण कुमार की पत्नी को पत्र लिखकर न्याय की उनकी लड़ाई के लिए अपना समर्थन जताया. खरगे ने कहा कि हरियाणा के आईपीएस अधिकारी कुमार ने सामाजिक पूर्वाग्रहों और असमानताओं से जूझते हुए अपनी जान दे दी.

कुमार ने अपने वरिष्ठों पर जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए मंगलवार को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी.
अमनीत पी कुमार को लिखे पत्र में खरगे ने कहा, ”यह शर्मनाक है कि हम संविधान द्वारा जिन लोगों को लोगों की पीड़ा, संकट और दर्द को कम करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, उन्हें सशक्त बनाने में विफल रहे हैं.” कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वह इस घटना से बेहद दुखी हैं और इसकी निंदा करने के लिए उनके पास शब्द नहीं हैं. उन्होंने अमनीत को भरोसा दिलाया कि दिवंगत आईपीएस अधिकारी द्वारा उठाए गए सवालों का निर्णायक निष्कर्ष निकाला जाएगा.

खरगे ने पत्र में कहा, ”आपके पति, हरियाणा कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एडीजीपी वाई पूरण कुमार जी ने सामाजिक पूर्वाग्रहों और विषमताओं से जूझते हुए अपना जीवन समाप्त कर दिया. इस घटना ने मेरे दिल को बहुत ठेस पहुंचाई है.” उन्होंने लिखा, ”अपने लंबे जीवन में मैंने कई घटनाओं को करीब से देखा है, लेकिन पूर्वाग्रह और भेदभावपूर्ण सोच के कारण हुई इस दुखद घटना से मुझे और सामाजिक न्याय के लिए लड़ने वाले सभी साथियों को बहुत तकलीफ हुई है.” कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ”हालांकि, हम चंद्रमा पर अपना झंडा लहराने में गर्व महसूस करते हैं, लेकिन यह शर्मनाक है कि हम उन लोगों को सशक्त बनाने में विफल रहे हैं, जिन्हें संविधान ने लोगों की पीड़ा, संकट और दर्द को कम करने की जिम्मेदारी सौंपी है.”

हरियाणा आईपीएस अधिकारी ‘आत्महत्या’: समिति ने डीजीपी को हटाने के लिए 48 घंटे की मोहलत दी

हरियाणा के आईपीसी अधिकारी वाई पूरण कुमार के परिवार की मांगों को लेकर दबाव बनाने के लिए गठित 31 सदस्यीय समिति ने चंडीग­ढ़ प्रशासन और हरियाणा सरकार को राज्य के पुलिस प्रमुख शत्रुजीत कपूर को उनके पद से हटाने के लिए 48 घंटे की मोहलत दी है.

भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 2001 बैच के अधिकारी कुमार ने सात अक्टूबर को चंडीग­ढ़ के सेक्टर-11 स्थित अपने आवास पर कथित तौर पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी. उन्होंने आठ पन्नों का ‘अंतिम नोट’ छोड़ा था, जिसमें कुछ वरिष्ठ अधिकारियों पर जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है. पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कपूर उन पुलिस अधिकारियों में शामिल हैं, जिन पर कुमार की पत्नी एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की अधिकारी अमनीत पी कुमार ने उनके पति को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है.

समिति ने कपूर को उनके पद से हटाने के लिए 48 घंटे की मोहलत देने का निर्णय रविवार को सेक्टर-20 स्थित गुरु रविदास भवन में आयोजित एक महापंचायत में लिया. कार्यक्रम स्थल के आसपास भारी पुलिस बल तैनात था. समिति के प्रवक्ता ने महापंचायत के बाद संवाददाताओं को बताया, “हरियाणा के डीजीपी और रोहतक के पूर्व पुलिस अधीक्षक (एसपी) को इस मामले में गिरफ्तार किया जाना चाहिए. हरियाणा सरकार को डीजीपी को उनके पद से हटा देना चाहिए. हमने 48 घंटे की मोहलत दी है, जिसके बाद हम आगे की कार्रवाई पर फैसला करेंगे.” कुमार रोहतक के सुनारिया स्थित पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में महानिरीक्षक (आईजी) के पद पर तैनात थे. उनकी मौत को छह दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक उनका पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार नहीं किया गया है, क्योंकि परिवार ने उनकी मांगें पूरी होने तक इसके लिए सहमति देने से इनकार कर दिया है.

महापंचायत में उस वक्त हंगामा भी देखने को मिला, जब कुछ साल पहले अपना अलग संगठन बनाने वाले हरियाणा के पूर्व सांसद राज कुमार सैनी ने कथित तौर पर एक विवादास्पद टिप्पणी की. हालांकि, आयोजकों के शांति बनाए रखने की अपील करने के बाद लोग शांत हो गए. महापंचायत में आईपीएस अधिकारी के परिवार की ओर से एक संदेश प­ढ़ा गया, जिसमें न्याय की उनकी लड़ाई में समर्थन की अपील की गई. समिति में शामिल गुरमैल सिंह ने कहा कि महापंचायत के दौरान मामले की न्यायिक जांच की मांग भी उठाई गई.

समिति के एक अन्य सदस्य करमवीर ने कहा, “कुमार के परिवार और दलित समुदाय को आशंका है कि अगर मृतक अधिकारी का अंतिम संस्कार कर दिया गया, तो सरकार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगी.” उन्होंने कहा, “अगर परिवार को न्याय नहीं मिला, तो हम आगे के कदम पर निर्णय लेंगे…. हम जानना चाहते हैं कि चंडीग­ढ़ पुलिस की ओर से गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने इस मामले में अब तक क्या किया है.” करमवीर ने कहा कि चंडीग­ढ़ में सफाई कर्मचारियों के एक संघ ने परिवार के प्रति समर्थन जताया है.

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