Friday, September 25, 2026
Homeव्यापारगुजरात: अदाणी समूह की मानहानि शिकायत पर पत्रकार अभिसार शर्मा, परुलेकर को...

गुजरात: अदाणी समूह की मानहानि शिकायत पर पत्रकार अभिसार शर्मा, परुलेकर को अदालत का नोटिस

अहमदाबाद. गांधीनगर की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने अदाणी समूह द्वारा आपराधिक मानहानि शिकायतें दायर किये जाने के बाद पत्रकार अभिसार शर्मा और राजू परुलेकर को 20 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी किए हैं. कारोबारी समूह ने यूट्यूबर शर्मा और ब्लॉगर परुलेकर पर उसकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने के लिए झूठी और अपमानजनक सामग्री फैलाने का आरोप लगाया है. अदाणी समूह के वकील संजय ठक्कर के अनुसार, प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट, गांधीनगर की अदालत ने दोनों व्यक्तियों को नोटिस जारी कर 20 सितंबर को पेश होने का निर्देश दिया.

उन्होंने बताया कि मजिस्ट्रेट द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 223 के तहत नोटिस जारी किए गए थे. उक्त धारा में यह प्रावधान है कि मजिस्ट्रेट द्वारा आरोपी को सुनवाई का अवसर दिए बिना अपराध का संज्ञान नहीं लिया जाएगा.
ठक्कर ने कहा, ”नोटिस मिलने के बाद, दोनों को 20 सितंबर को अदालत में व्यक्तिगत रूप से या अपने वकीलों के माध्यम से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखना है. शर्मा ने अपने यूट्यूब चैनल पर अपमानजनक सामग्री अपलोड की थी, जबकि परुलेकर ने ‘एक्स’ पर अपमानजनक टिप्पणियां की थीं.” उन्होंने बताया कि अदाणी समूह ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 356 (1, 2 और 3) का उपयोग किया है, जो भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 499, 500 और 501 के समकक्ष हैं.

वकील ने कहा, ”शिकायतें 18 अगस्त 2025 को शर्मा द्वारा अपलोड किये गए एक यूट्यूब वीडियो के बारे में हैं, जिसमें आरोप लगाया गया था कि असम में हजारों बीघा जमीन अदाणी को आवंटित की गई है और कंपनी को कथित राजनीतिक पक्षपात से जोड़ा गया. साथ ही, जनवरी 2025 से परुलेकर द्वारा सिलसिलेवार ट्वीट और रीट्वीट में भूमि हड़पने, घोटाले और अनुचित लाभ हासिल करने जैसे दावे किये गए हैं.” अदाणी समूह ने ”निराधार और भ्रामक” आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि प्रतिवादियों द्वारा उद्धृत 12 अगस्त 2025 के गुवाहाटी उच्च न्यायालय के आदेश में कारोबारी समूह का कोई संदर्भ नहीं था.

ठक्कर ने कहा, ”कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि उच्च न्यायालय के मामले के केंद्र में रही महाबल सीमेंट प्राइवेट लिमिटेड का अदाणी से किसी भी तरह का कोई संबंध नहीं है.” अदालत के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों में शर्मा का वीडियो और उसकी सामग्री का मूल पाठ, परुलेकर के सोशल मीडिया पोस्ट, गुवाहाटी उच्च न्यायालय का आदेश और सहायक अभिलेख शामिल हैं. यदि इसे स्वीकार कर लिया जाता है, तो मामलों की सुनवाई हो सकती है, जहां दोनों (शर्मा और परुलेकर) को दो साल तक की कैद, जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है.

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments