Saturday, September 26, 2026
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अविभाजित मप्र के पूर्व उप उपमुख्यमंत्री के बेटे, बहू और पोती की हत्या के जुर्म में पांच को उम्र कैद

कोरबा. छत्तीसगढ़ में कोरबा जिले की अदालत ने अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व उप मुख्यमंत्री रहे दिवंगत प्यारेलाल कंवर के बेटे, बहू और चार वर्षीय पोती की हत्या के आरोप में कंवर के बड़े बेटे, उसकी पत्नी, उसके दो साले और साले के मित्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.

जिला एवं सत्र न्यायालय कोरबा के अतिरिक्त लोक अभियोजक कृष्ण कुमार द्विवेदी ने बताया कि अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व उप मुख्यमंत्री रहे प्यारेलाल कंवर के बेटे हरीश कंवर (40), बहू सुमित्रा कंवर (35) और चार वर्षीय पोती याशिका कंवर की हत्या के मामले में तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार नंदे की अदालत ने प्यारेलाल के बड़े बेटे और हरीश के बड़े भाई हरभजन सिंह कंवर, हरभजन की पत्नी धनकुंवर, धनकुंवर के भाई परमेश्वर कंवर और सुरेंद्र कंवर तथा परमेश्वर के मित्र रामप्रसाद मन्नेवार को आजीवन कारवास की सजा सुनाई है.

द्विवेदी ने बताया कि उरगा थाना क्षेत्र के भैसमा गांव में 21 अप्रैल 2021 की सुबह लगभग चार बजे हरीश, हरीश की पत्नी सुमित्रा और बेटी याशिका की हत्या कर दी गई थी. हत्यारों ने तीनों के चेहरे, सिर, गर्दन, मुंह, नाक, कान, पैर पर धारदार हथियार से कई बार हमला किया था.

उन्होंने बताया कि पुलिस ने जब मामले की छानबीन शुरू की तब घर के लोगों के मोबाइल फोन की भी जांच की गई. पुलिस को इस दौरान हरभजन की ओर से परमेश्वर को भेजा गया एक मैसेज मिला, जिसके आधार पर पुलिस ने हरभजन और उसके परिवार के सदस्यों से पूछताछ की. बाद में हरभजन ने बताया कि उन्होंने पारिवारिक विवाद के कारण अपने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर हरीश और उसके परिवार की हत्या की है.

पुलिस ने हत्या में शामिल अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया तथा हत्या में प्रयुक्त हथियारों को बरामद कर लिया. द्विवेदी ने बताया कि पुलिस के मुताबिक हरीश और उसके परिवार की हत्या की साजिश पहले ही रची गई थी. हत्या से कुछ देर पहले हरीश का बड़ा भाई हरभजन अपनी पत्नी धनकुंवर और बेटी के साथ सुबह की सैर के लिए निकल गया था और घर का दरवाजा खुला छोड़ दिया गया था.
उन्होंने बताया कि इस दौरान हरीश परिवार के साथ कमरे में सोया था. कुछ देर बाद आरोपी परमेश्वर अपने भाई सुरेंद्र और दोस्त रामप्रसाद मन्नेवार के साथ वहां पहुंचा और धारदार हथियार से हरीश, सुमित्रा और याशिका की हत्या कर वहां से फरार हो गए.
अधिवक्ता ने बताया कि दो भाइयों के बीच पारिवारिक कलह और संपत्ति का विवाद इस घटना की प्रमुख वजह थी.

उन्होंने बताया कि दोषियों को सजा दिलाने में हरीश और हरभजन की मां जानकी बाई कंवर की गवाही बेहद महत्वपूर्ण रही. घटना के दौरान जानकी बाई घर में मौजूद थी तथा हत्यारों ने जानकी की हत्या नहीं की थी. घटना को अंजाम देने के दौरान हत्यारों ने जानकी बाई का गला दबाकर उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया और बेहोश होने पर उन्हें छोड़ दिया. जब हमलावर हरीश और उसके परिवार पर हमला कर रहे थे तब जानकी बाई ने हरभजन की पत्नी के भाई परमेश्वर कंवर को पहचान लिया था.

द्विवेदी ने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उन्हें अदालत में पेश किया जहां सुनवाई के बाद अदालत ने पांचों आरोपियों को हत्या की साजिश रचने, हत्या करने, विश्वासघात करने और हत्या के बाद सबूत नष्ट करने का दोषी पाया. अदालत ने बुधवार को सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. प्यारेलाल कंवर 1993 से 1998 तक दिग्विजय सिंह की सरकार के दौरान तत्कालीन अविभाजित मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री थे. 2011 में उनका निधन हो गया था.

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