Saturday, September 26, 2026
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टेकलगुड़ेम मुठभेड़ में बलिदान जवानों के परिजनों को दी जाएगी 10-10 लाख रूपए की आर्थिक सहायता : मुख्यमंत्री साय

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि सुकमा जिले के टेकलगुड़ेेम में बीते 30 जनवरी को नक्सल मुठभेड़ में बलिदान तीनों जवान के परिजनों को 10-10 लाख रूपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी. मुख्यमंत्री विष्णदेव साय ने आज कोरिया जिले के बैकुण्ठपुर में आयोजित झुमका जल महोत्सव के अवसर पर पत्रकारों से चर्चा के दौरान यह घोषणा की. यह आर्थिक सहायता राशि शहीद जवानों को राज्य और केन्द्र सरकार की ओर से मिलने वाली राशि से अतिरिक्त है.

ज्ञातव्य है कि 30 जनवरी को प्रदेश के सुकमा जिले के जगरगुण्डा थाना क्षेत्र के ग्राम टेकलगुड़ेम में नक्सलियों द्वारा घात लगाकर किए गए हमलें का मुंहतोड़ जवाब देते हुए तीन जवान बलिदान हो गए थे. जिसमें 201 कोबरा सीआरपीएफ बटालियन के आरक्षक देवेन सी. और आरक्षक पवन कुमार तथा 150वीं बटालियन के आरक्षक लम्बाधर सिंघा बलिदान हो गए थे. इस घटना में 16 जवान घायल हो गए थे जिसमें से 8 जवानों को बेहतर उपचार के लिए राजधानी रायपुर लाया गया है. मुख्यमंत्री साय 30 जनवरी की शाम को ही अस्पताल पहंचकर घायल जवानों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना था.

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद से निपटने के लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार गंभीर नहीं थी : मुख्यमंत्री साय

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर नक्सलवाद से निपटने को लेकर गंभीरता नहीं बरतने का आरोप लगाया और इस बात पर बल दिया कि उनकी सरकार की प्राथमिकता राज्य को इस भय से बाहर निकालने की है. एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि साय ने बुधवार रात प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की और मंगलवार को सुरक्षार्किमयों पर नक्सलियों द्वारा किए गए हमले के बाद चलाये गये नक्सल विरोधी अभियानों का जायजा लिया.

सुकमा जिले के टेकलगुडेम गांव के पास मंगलवार को नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में सीआरपीएफ की विशेष इकाई कोबरा (कमांडो बटालियन फॉर रिजोल्यूट एक्शन) के दो जवानों सहित तीन जवान मारे गये और 15 अन्य घायल हो गए थे. विज्ञप्ति में मुख्यमंत्री के हवाले से कहा गया, ”जब से हमारी सरकार (पिछले साल दिसंबर में) सत्ता में आई है तभी से नक्सलवाद से निपटने के प्रयास तेज कर दिये गए हैं. हमारे पुलिसकर्मी हिम्मत के साथ नक्सलियों से लोहा ले रहे हैं. लगातार शिविर स्थापित किए जा रहे हैं.”

उन्होंने कहा, ” पूर्ववर्ती सरकार ने नक्सलवाद से निपटने में गंभीरता नहीं दिखाई लेकिन हमारे सुरक्षा बलों ने माओवादियों के खात्मे के लिए कवायद शुरू कर दी है.” साय ने कहा कि उनकी सरकार न सिर्फ नक्सलियों को छत्तीसगढ़ से खदेड़ेगी बल्कि उनका अस्तित्व भी खत्म कर देगी. उन्होंने कहा, ”यह हमारी सरकार की प्राथमिकता है.” मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा शिविरों के आसपास रहने वाले लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नक्सलियों के खात्मे के लिए ठोस रणनीति के साथ प्रभावी कार्रवाई की जाये. मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले डेढ़ माह में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए नक्सल विरोधी अभियानों से नक्सली खुद को पराजित महसूस कर रहे हैं और इसीलिए वे कायरतापूर्ण हमले (मंगलवार की घटना का जिक्र करते हुए) कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, ”हमें किसी भी कीमत पर नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब देना है.” विज्ञप्ति में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अपने खुफिया तंत्र को मजबूत करने और नक्सलियों के खिलाफ अभियान तेज करने का भी निर्देश दिया.
उन्होंने अधिकारियों को नक्सल प्रभावित इलाकों में तलाशी अभियान चलाते समय बेहद सतर्क रहने की हिदायत दी.

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