Friday, September 25, 2026
Homeछत्तीसगढ़‘स्वयं से साक्षात्कार’ कार्यशाला में विशेषज्ञों ने पंचकोश, षट्चक्र एवं आभामंडल की...

‘स्वयं से साक्षात्कार’ कार्यशाला में विशेषज्ञों ने पंचकोश, षट्चक्र एवं आभामंडल की अवधारणाओं पर दी जानकारी

रायपुर
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग एवं छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ के संयुक्त तत्वावधान में ‘स्वयं से साक्षात्कार’ विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में स्वामी महेश एवं डॉ. अनिल गुप्ता ने भारतीय परंपरा में वर्णित ऊर्जा, चेतना एवं आभामंडल की अवधारणाओं को आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के संदर्भ में समझाया।
कार्यशाला में आयोग के सदस्य श्री विवेक गनोदवाले, सचिव श्री सूर्यप्रकाश शुक्ला तथा पावर कंपनीज़ के प्रबंध निदेशक श्री एस.के. कटियार, श्री राजेश कुमार शुक्ला एवं श्री भीम सिंह कंवर विशेष रूप से उपस्थित थे।

स्वामी महेश ने भारतीय ज्ञान परंपरा में वर्णित अपरा विद्या और परा विद्या की जानकारी देते हुए कहा कि अपरा विद्या वह है, जिसे इंद्रियों के माध्यम से देखकर, पढ़कर और समझकर जाना जा सकता है, जबकि परा विद्या का संबंध सूक्ष्म एवं आंतरिक अनुभूति से है। उन्होंने बताया कि आत्मा और मन के माध्यम से शरीर की तंत्रिका प्रणाली तथा इंद्रियों के बीच समन्वय स्थापित होता है। उन्होंने मानव शरीर में वर्णित पंचकोश—अन्नमय कोष, प्राणमय कोष, मनोमय कोष, विज्ञानमय कोष और आनंदमय कोष की अवधारणा को भी विस्तार से समझाया।

डॉ. अनिल गुप्ता ने मानव शरीर में ऊर्जा के संचार तथा षट्चक्र की अवधारणा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का अपना आभामंडल होता है। आंतरिक ऊर्जा एवं चेतना को विकसित करने की भारतीय परंपरा में चर्चा की गई है।

कार्यक्रम का संचालन उपमहाप्रबंधक (जनसंपर्क) श्री गोविन्द पटेल ने किया। आयोग की संयुक्त निदेशक श्रीमती प्राची श्रीवास्तव ने अतिथियों का परिचय दिया।

 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments