Saturday, September 26, 2026
Homeछत्तीसगढ़प्रवर्तन निदेशालय ने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस कार्यालय, पूर्व मंत्री कवासी लखमा की...

प्रवर्तन निदेशालय ने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस कार्यालय, पूर्व मंत्री कवासी लखमा की संपत्ति जब्त की

नयी दिल्ली/रायपुर. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती सरकार के दौरान हुए 2,100 करोड़ रुपये से अधिक के कथित शराब घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले की जांच के सिलसिले में राज्य में कांग्रेस पार्टी के एक कार्यालय के अलावा उसके विधायक कवासी लखमा की संपत्ति कुर्क की है. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी. सूत्रों ने बताया कि इन संपत्तियों को कुर्क करने का अनंतिम आदेश धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जारी किया गया.

उन्होंने बताया कि कुर्क की गई संपत्तियों में पूर्व मंत्री लखमा, उनके बेटे हरीश लखमा और सुकमा जिले में कांग्रेस कार्यालय भवन की संपत्तियां शामिल हैं. सूत्रों ने बताया कि इन संपत्तियों की कीमत 6.15 करोड़ रुपये है. यह पहली बार है कि संघीय जांच एजेंसी ने धन शोधन विरोधी कानून के तहत किसी राजनीतिक दल की संपत्ति जब्त की है.

रायपुर में कांग्रेस के एक प्रवक्ता ने कहा कि निदेशालय की कार्रवाई ”भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) की राजनीतिक साजिश का हिस्सा” है. उन्होंने कहा कि पार्टी सुकमा जिला मुख्यालय में कार्यालय भवन के निर्माण में इस्तेमाल किए गए ”पैसे- पैसे” का रिकॉर्ड पेश करेगी. लखमा (72) कोंटा विधानसभा सीट से छह बार के विधायक हैं और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में आबकारी मंत्री रह चुके हैं. हरीश लखमा सुकमा में पंचायत अध्यक्ष हैं. संघीय एजेंसी ने दिसंबर 2024 में रायपुर, सुकमा और धमतरी जिलों में लखमा से जुड़े परिसरों पर छापेमारी की थी. कवासी लखमा को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार भी किया था.

प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि छत्तीसगढ़ शराब ”घोटाले” के परिणामस्वरूप राज्य के कोष को ”भारी नुकसान” हुआ और शराब सिंडिकेट के लाभार्थियों ने इस अपराध से 2,100 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध आय अर्जित की. उसने आरोप लगाया कि अवैध शराब व्यापार से अर्जित आय का उपयोग सुकमा में कांग्रेस कार्यालय बनाने में किया गया. ईडी ने जनवरी में जारी एक बयान में आरोप लगाया था कि लखमा (शराब) सिंडिकेट का ”एक अभिन्न अंग” थे और उन्होंने ”प्रक्रिया और कार्यप्रणाली में हेर-फेर करके” उसकी सक्रिय रूप से सहायता की.

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments