नयी दिल्ली. कांग्रेस का तीन दिवसीय अधिवेशन अगले साल फरवरी महीने के दूसरे पखवाड़े में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में होगा, जिसमें अध्यक्ष के तौर पर मल्लिकार्जुन खरगे के निर्वाचन पर मुहर लगेगी और फिर नयी कार्य समिति के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी.
पार्टी अध्यक्ष खरगे की अध्यक्षता में हुई कांग्रेस संचालन समिति की बैठक में अधिवेशन को लेकर यह निर्णय लिया गया. यह पार्टी का 85वां अधिवेशन होगा. खरगे ने बैठक की शुरुआत में संगठन में ऊपर से लेकर नीचे तक जवाबदेही की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि जो लोग अपनी जिम्मेदारी निभाने में अक्षम हैं, उन्हें नए लोगों को मौका देना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के महासचिव और प्रदेश प्रभारी पहले खुद की जिम्मेदारी सुनिश्चित करें तथा जनांदोलन के संदर्भ में 30 से 90 दिनों के भीतर रूपरेखा तैयार करें.
संचालन समिति की बैठक के बाद पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने संवाददाताओं को बताया कि ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के समापन के बाद आगामी 26 जनवरी से देश भर में ‘हाथ से हाथ जोड़ो’ अभियान शुरू किया जाएगा, जिसके तहत ब्लॉक, पंचायत और बूथ के स्तर पर लोगों से संपर्क साधा जाएगा. वेणुगोपाल ने बताया कि दो महीने तक चलने वाले इस अभियान में राहुल गांधी का पत्र भी लोगों को सौंपा जाएगा, जिसमें यात्रा का संदेश होगा तथा उसके साथ नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ ‘‘आरोप पत्र’’ भी संलग्न होगा.
उन्होंने कहा कि पार्टी की ओर से ‘महिला मार्च’ भी निकाला जाएगा, जिसकी अगुवाई प्रियंका गांधी करेंगी.
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने बताया कि ‘भारत जोड़ो’ यात्रा 24 दिसंबर को दिल्ली पहुंचेगी तथा 26 जनवरी तक श्रीनगर में इसका समापन होगा. उन्होंने कहा, ‘‘इस यात्रा के बाद ‘हाथ से हाथ जोड़ो अभियान’ के तहत तीन स्तरीय कार्यक्रम होगा. ब्लॉक और बूथ के स्तर पर यात्राएं होंगी, जिला स्तर पर अधिवेशन होंगे तथा राज्य के स्तर पर रैलियां होंगी.’’ रमेश ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता ‘हाथ से हाथ जोड़ो अभियान’ से संबंधित कार्यक्रमों शामिल होंगे.
खरगे के अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार संचालन समिति की बैठक हुई. पिछले महीने पार्टी अध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी के शीर्ष निकाय कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) के स्थान पर इस संचालन समिति का गठन किया था.
बैठक में खरगे के अलावा पार्टी संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम, संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल और कई अन्य नेता शामिल थे.
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में शामिल होने के चलते इस बैठक में भाग नहीं ले सके. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में फरवरी के दूसरे पख़वाड़े में होने वाले पार्टी के अधिवेशन में कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर खरगे के निर्वाचन पर मुहर लगेगी और फिर नयी कार्य समिति के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी.
अधिवेशन के बारे में फैसला होने के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, ‘‘मुझे बताते हुए खुशी है कि कांग्रेस संचालन समिति की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का 85वां अधिवेशन रायपुर में फरवरी माह में होगा. यह हमारे लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण पल होगा.’’ संचालन समिति की बैठक आरंभ होने पर खरगे ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि पार्टी और देश के प्रति हमारी जिम्मेदारी का सबसे बड़ा हिस्सा है कि संगठन में ऊपर से लेकर नीचे तक जवाबदेही हो. अगर कांग्रेस संगठन मजबूत होगा, जवाबदेह होगा, लोगों की उम्मीद पर खरा उतरेगा, तो ही हम चुनावी जीत हासिल कर देश के लोगों की सेवा कर पाएंगे.’’
उन्होंने महासचिवों एवं प्रभारियों से कहा, ‘‘आपके प्रदेश में, जिसके आप प्रभारी हैं, अगले 30 दिन से 90 दिन के बीच में संगठन व जनहित के मुद्दों पर आंदोलन के लिए क्या रूपरेखा है? जिन प्रांतों में आज से साल 2024 के बीच विधानसभा चुनाव होने हैं, वहां चुनाव तक क्या योजना व कार्यक्रम है.’’ खरगे ने कहा, ‘‘जब तक आप स्वयं, आपके सचिवगण, प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्षगण, पार्टी के विधायक मंडल व सांसदगण इन सब व अन्य महत्वपूर्ण चीजÞों का खाका तैयार कर जमीनी स्तर पर लागू नहीं करेंगे, हमारी जिम्मेदारी पूर्ण नहीं हो सकती.’’
उन्होंने जोर दिया, ‘‘पार्टी में जहां अपने कर्तव्य को निभाने वाले बहुत जिम्मेदार लोग हैं, वहीं कुछ साथियों ने यह मान लिया है कि जिम्मेदारी निभाने में कमी को नजरअंदाज कर दिया जाएगा. यह न तो ठीक है और न ही मंजूर किया जा सकता. जो लोग जिम्मेदारी निभाने में अक्षम हैं, उन्हें नए साथियों को मौका देना पड़ेगा.’’ खरगे ने ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘राहुल गांधी जी के नेतृत्व में चल रही ‘भारत जोड़ो यात्रा’ आज 88 दिन पूरे कर रात के समय राजस्थान की सीमा में प्रवेश करेगी. ‘भारत जोड़ो’ यात्रा अब एक राष्ट्रीय आंदोलन का रूप ले चुकी है. एक ऐसा आंदोलन, जो देश में कमरतोड़ महंगाई, भयंकर बेरोजगारी, नाकाबिले बर्दाश्त आर्थिक व सामाजिक असमानता, तथा नफरत की राजनीति के खिलाफ एक निर्णायक जंग का आह्वान है.’’
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘देश के करोड़ों लोग राहुल गांधी जी व कांग्रेस के संकल्प से जुड़े हैं. इनमें भारी संख्या में वो लोग भी हैं, जो कांग्रेस से नहीं जुड़े थे, या फिर हमारी आलोचना किया करते थे. ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का एक राष्ट्रीय जन-आंदोलन का रूप ले लेना ही इस यात्रा की सबसे बड़ी कामयाबी है.’’


