Homeदिल्लीसीएम योगी ने एंबुलेंस को रास्ता देने के लिए रुकवाई विजयादशमी शोभायात्रा,...

सीएम योगी ने एंबुलेंस को रास्ता देने के लिए रुकवाई विजयादशमी शोभायात्रा, पेश की मानवता की मिसाल

​पहले मानवता, फिर परंपरा: एंबुलेंस के लिए सीएम योगी ने रुकवाई विजयादशमी शोभायात्रा

विजयादशमी शोभायात्रा के दौरान सायरन सुनते ही ठहरे सीएम योगी, मरीज के लिए खाली कराई सड़क

​गोरखपुर
 विजयादशमी के पावन पर्व पर नाथपंथ के विश्व प्रसिद्ध केंद्र गोरक्षपीठ से निकली पारंपरिक विजयादशमी शोभायात्रा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय ने मानवता की सेवा का आदर्श प्रस्तुत किया है। उनके निर्णय ने यह संदेश भी दिया कि किसी भी परंपरा से पहले किसी की जिंदगी बचाना सबसे जरूरी है। विजयादशमी शोभायात्रा के दौरान गोरखनाथ मंदिर के मुख्य द्वार से आगे श्रद्धालुओं की अपार भीड़ और सख्त सुरक्षा घेरे के बीच जैसे ही एक एंबुलेंस का सायरन सुनाई दिया, मुख्यमंत्री ने परंपरा और प्रोटोकॉल से ऊपर मानवीय जीवन को प्राथमिकता देते हुए शोभायात्रा को तुरंत रुकवा दिया। उनके निर्देश पर एंबुलेंस को रास्ता दिया गया और उसके बाद शोभायात्रा आगे बढ़ी।

मंगलवार शाम गोरखनाथ मंदिर से गोरक्षपीठाधीश्वर के रूप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में पारंपरिक विजयदशमी शोभायात्रा आगे बढ़ रही थी। मंदिर के मुख्य द्वार के आगे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी थी। इसी दौरान एक गंभीर मरीज को ले जा रही एंबुलेंस वहां पहुंच गई और भीड़ के कारण फंसने लगी। जैसे ही सीएम योगी के वाहन तक सायरन की आवाज पहुंची, उन्होंने तत्काल अपने सुरक्षाकर्मियों को एंबुलेंस के लिए रास्ता बनाने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री का संकेत मिलते ही सुरक्षाकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाई और शोभायात्रा की गति को वहीं थाम दिया। मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं और नागरिकों ने भी सीएम की इस पहल को समझते हुए तुरंत सहयोग किया और रास्ता खाली कर दिया। भारी भीड़ और तंग व्यवस्था के बावजूद एंबुलेंस बिना किसी रुकावट के सुरक्षित निकल गई। एंबुलेंस के आगे बढ़ जाने के बाद ही शोभायात्रा अपने तय मार्ग पर पुनः आगे बढ़ी।

इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इंटरनेट यूजर्स और आम जनता मुख्यमंत्री की इस मानवीय पहल की जमकर सराहना कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि इतने बड़े धार्मिक आयोजन और भारी भीड़ के बीच वीआईपी प्रोटोकॉल को दरकिनार कर एक आम मरीज की जान को प्राथमिकता देना सच्चे नेतृत्व और संवेदनशीलता की पहचान है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments