Sunday, September 27, 2026
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में छग के नए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मंत्रिमंडल के सदस्य 13 दिसम्बर को लेंगे शपथ

रायपुर. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गरिमामय उपस्थिति में छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उनके मंत्रिमंडल के सदस्य 13 दिसम्बर को दोपहर 2 बजे राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में शपथ ग्रहण करेंगे.

कार्यक्रम में केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. पी. नड्डा, केन्द्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी ओम माथुर, सह प्रभारी नितिन नबीन सहित अनेक राज्यों के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता उपस्थित रहेंगे.

शपथ ग्रहण की तैयारियां अंतिम चरण में

शपथ ग्रहण की तैयारियां अंतिम चरण में हैं. शपथ ग्रहण समारोह के लिए तीन विशाल मंच बनाए जा रहे हैं, जिसमें बीच के मंच में शपथ ग्रहण होगा तथा एक ओर अतिविशिष्ट आमंत्रित व्यक्तियों तथा दूसरी ओर नवनिर्वाचित विधायकों के लिए मंच बनाया जा रहा है. इसके साथ ही कार्यक्रम स्थल में विशिष्ट अतिथियों, मीडिया प्रतिनिधियों और आमजनों के बैठने के लिए अलग-अलग सेक्टर बनाए जा रहे हैं. ज्यादा से ज्यादा लोग शपथग्रहण को देख सके इसके लिए एल.ई.डी. स्क्रीन भी लगायी जा रही है.

आयोजन स्थल में मंच निर्माण, बैठक व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, वाहनों की पार्किंग, विद्युत व्यवस्था, फायर ब्रिगेड ,चिकित्सा व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, शौचालय व्यवस्था आदि के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है. मैदान में 50 हजार से अधिक लोगों की बैठक व्यवस्था की तैयारी चल रही हैं. सुरक्षा व्यवस्था हेतु लगभग 1000 पुलिस जवान तैनात किए गए हैं. रायपुर शहर के चौक-चौराहों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट आदि अन्य जगहों पर सघन चेकिंग अभियान जारी है.

राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष अरूण साव ने कहा कि बुधवार को विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के नए मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह एक “ऐतिहासिक” कार्यक्रम होगा. साव ने कहा, ”छत्तीसगढ़ की जनता ने भाजपा को ऐतिहासिक जनमत दिया है. कल शपथ ग्रहण समारोह होना है, जिस प्रकार से पार्टी को ऐतिहासिक जीत मिली है, शपथ ग्रहण समारोह भी ऐतिहासिक होने वाला है.” भाजपा ने रविवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री और छत्तीसगढ़ में प्रदेश अध्यक्ष के रूप में काम कर चुके आदिवासी नेता साय (59) को नए मुख्यमंत्री के रूप में चुना.

नये मंत्रिमंडल में किसे शामिल किया जाएगा और क्या राज्य में दो उप मुख्यमंत्री होंगे, इन अटकलों के बीच साव ने कहा, ”शपथ लेने वाले नेताओं की संख्या के बारे में समय आने पर जानकारी मिल जाएगी.” राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में तैयारियां जोरों पर चल रही हैं. बुधवार को दोपहर दो बजे यहां शपथ ग्रहण समारोह होगा. समारोह में 50 हजार से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है.

साव ने कहा, ”प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह, अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, अन्य राज्यों के वरिष्ठ भाजपा नेता, प्रतिष्ठित हस्तियां और बुद्धिजीवी समारोह में शामिल होंगे.” उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता और आम लोग भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहेंगे. उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के लिए विपक्ष (कांग्रेस) सहित राज्य के सभी राजनीतिक दलों को आमंत्रित किया गया है.

तैयारियों के बारे में एक अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगभग एक हजार पुलिस र्किमयों को तैनात किया गया है.
उन्होंने बताया कि रायपुर शहर के चौक-चौराहों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशन, विमानतल आदि अन्य जगहों पर सघन तलाशी अभियान जारी है.

अधिकारियों ने बताया कि शपथ ग्रहण की तैयारियां अंतिम चरण में हैं. शपथ ग्रहण समारोह के लिए तीन विशाल मंच बनाए जा रहे हैं, जिसमें मध्य के मंच में शपथ ग्रहण होगा तथा एक ओर अतिविशिष्ट आमंत्रित व्यक्तियों तथा दूसरी ओर नवनिर्वाचित विधायकों के लिए मंच होगा. इसके साथ ही कार्यक्रम स्थल में विशिष्ट अतिथियों, मीडिया प्रतिनिधियों और आमजनों के बैठने के लिए अलग-अलग सेक्टर बनाए जा रहे हैं.

उन्होंने बताया कि अधिक से अधिक लोग शपथग्रहण देख सके इसके लिए एलईडी स्क्रीन भी लगायी जा रही है. इस बीच, भाजपा के सूत्रों ने बताया कि नयी मंत्रिपरिषद में नए चेहरों और पुराने नेताओं का मिश्रण हो सकता है. नियम के मुताबिक, छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 13 मंत्री हो सकते हैं.

राजनीतिक विशेषज्ञ आर. कृष्ण दास ने कहा, ”हाल के चुनाव में भाजपा से कई नए चेहरे चुने गए हैं, जिससे अटकलें लगाई जा रही हैं कि पुराने लोगों को मंत्रिमंडल में जगह पक्की करना मुश्किल हो सकता है.” उन्होंने कहा कि पांच साल बाद छत्तीसगढ़ में सत्ता में लौटी भाजपा को मंत्रियों को चुनते समय सामाजिक समीकरण को भी ध्यान में रखना होगा. नए मंत्रिमंडल में महिलाओं को अधिक प्रतिनिधित्व मिल सकता है.” अटकलें यह भी हैं कि मंत्रिमंडल में दो उपमुख्यमंत्री होंगे. एक उप मुख्यमंत्री अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का जबकि दूसरा सामान्य वर्ग का हो सकता हैं.

प्रभावशाली साहू (तेली) ओबीसी समुदाय से आने वाले प्रदेश अध्यक्ष साव को उप मुख्यमंत्री पद की दौड़ में बताया जा रहा है. अधिवक्ता से नेता बने साव विवादों से दूर रहे हैं और उन्हें एक तटस्थ नेता के रूप में देखा जाता है, जो प्रदेश भाजपा के किसी भी खेमे से नहीं आते हैं.

उन्होंने हाल के चुनाव में अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के थानेश्वर साहू से लोरमी विधानसभा पर 45,891 मतों के अंतर से जीत हासिल की है. उप मुख्यमंत्री पद के लिए एक अन्य संभावित उम्मीदवार प्रदेश भाजपा महामंत्री विजय शर्मा हैं, जिन्होंने कवर्धा निर्वाचन क्षेत्र में प्रभावशाली कांग्रेस नेता और मंत्री मोहम्मद अकबर को 39,592 वोटों से हराया है.

बृजमोहन अग्रवाल और अमर अग्रवाल (दोनों सामान्य वर्ग से), धरमलाल कौशिक और अजय चंद्राकर (ओबीसी), केदार कश्यप, विक्रम उसेंडी और रामविचार नेताम (अनुसूचित जनजाति), पुन्नूलाल मोहिले और दयालदास बघेल (अनुसूचित जाति) तथा राजेश मूणत (जैन समुदाय) का नाम साय मंत्रिमंडल में संभावित मंत्री के तौर पर चल रहा है.

इन नेताओं में धरमलाल कौशिक को छोड़कर अन्य लोग राज्य की पिछली भाजपा सरकारों में मंत्री रह चुके हैं. राजनीतिक गलियारों में संभावित नए चेहरों के तौर पर आईएएस अधिकारी से नेता बने ओपी चौधरी, गजेंद्र यादव और भावना बोहरा के नाम की भी चर्चा है. पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह को राज्य विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में नामित किए जाने की संभावना है.

महिला नेताओं में पूर्व केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह, पूर्व सांसद गोमती साय और पूर्व मंत्री लता उसेंडी का नाम चर्चा में है. ये तीनों आदिवासी समुदाय से हैं. दास ने कहा, “पिछली भाजपा सरकारों (2003 से 2018 तक) के प्रत्येक कार्यकाल में एक महिला मंत्री होती थी, लेकिन इस बार यह संख्या बढ़ सकती है.”

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