रायपुर. छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिर्विसटी (एचएनएलयू) के छठे दीक्षांत समारोह में रविवार को एलएलएम की डिग्री प्राप्त करने वाले प्रियेश पाठक धैर्य और दृढ. संकल्प की एक अनूठी मिसाल हैं. व्हीलचेयर पर आश्रित प्रियेश पाठक (23) मांसपेशियों से संबंधित ‘उलरिच मस्कुलर डिस्ट्रॉफी’ नामक गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, जिसमें मांसपेशियों की कमजोरी और डिस्टल जोड़ों की अति शिथिलता की परेशानी होती है. एचएनएलयू के कुलाधिपति एवं छत्तीसगढ. उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने प्रियेश को एलएलएम की डिग्री प्रदान की.
एक दशक से अधिक समय से व्हीलचेयर पर आश्रित प्रियेश ने कहा, ”मैंने अपने प्रमुख विषयों के रूप में पीसीएम (भौतिकी, रसायन शास्त्र और गणित) के साथ 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की थी और सीएलएटी (कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट) पास किया था. फिर मैंने एचएनएलयू में दाखिला लिया. मुझे कानून में दिलचस्पी है क्योंकि यह सिविल और कानूनी सेवाओं में सहायक है.” प्रियेश ने कहा कि वह संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करना चाहते हैं.


