रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1200 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। ईडी के अनुसार यह कार्रवाई कथित शराब सिंडिकेट से जुड़े प्रमुख आरोपियों और एफएल-10 लाइसेंसधारकों से संबंधित संपत्तियों पर की गई है।
ईडी ने इस मामले में आठवां पूरक चालान भी पेश किया है, जिसके बाद आरोपियों की संख्या बढ़कर 85 हो गई है। जांच एजेंसी ने बताया कि सिंडिकेट ने वर्ष 2019 से 2023 के बीच आबकारी व्यवस्था में कथित हेरफेर कर शराब कारोबार से अवैध लाभ अर्जित किया।
कार्रवाई के दायरे में अनवर ढेबर, अमित ढेबर, विकास अग्रवाल, राहुल अग्रवाल सहित कई लोगों और उनसे जुड़ी कंपनियों की संपत्तियां शामिल हैं। ईडी के अनुसार कुर्क की गई संपत्तियों में जमीन, प्लॉट, होटल, बैंक खाते, शेयर और म्यूचुअल फंड निवेश शामिल हैं।
जांच एजेंसी ने गोवा स्थित एक प्रीमियम होटल और रायपुर के ढेबर सिटी होम्स के कई प्लॉटों को भी कुर्क किया है। इसके अलावा एफएल-10 लाइसेंसधारी कंपनियों के बैंक खातों तथा अन्य वित्तीय निवेशों पर भी कार्रवाई की गई है।
ईडी का दावा है कि शराब घोटाले से अर्जित कथित अवैध धन का उपयोग विभिन्न अचल संपत्तियों और व्यावसायिक निवेशों में किया गया, जिन्हें अब मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत जब्त किया गया है। मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।


