बीजापुर. छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में नक्सलियों ने एक पुलिस जवान का अपहरण कर लिया है. पुलिस अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को कहा कि नक्सलियों ने घोषणा करके अपहरण की जिम्मेदारी ली है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि राज्य पुलिस की नवगठित इकाई ‘बस्तर फाइटर्स’ से जुड़े शंकर कुड़ियाम (28 वर्ष) 29 सितंबर से लापता हैं. बृहस्पतिवार को जारी एक कथित माओवादी प्रेस विज्ञप्ति में माओवादियों की माड़ डिवीजन कमेटी ने उसके अपहरण की जिम्मेदारी ली है.
सीपीआई (माओवादी) की माड़ डिविजनल कमेटी की सचिव अनीता मंडावी के नाम से जारी बयान में कहा गया, ”एरमनार के बस्तर फाइटर फोर्स के जवान शंकर कुड़ियाम को 29 सितंबर को हमने कब्जा में ले लिया. उनसे पूछताछ जारी है. जवान के अगवा होने की जानकारी पुलिस अधिकारियों को 29 तारीख से ही है. लेकिन इसके बारे में खुलासा नहीं किया है. मतलब पुलिस अधिकारी लोग क्या चाहते? किस इंतजार में हैं? सभी समझ सकते हैं.” बयान में कहा गया है, ”पुलिस प्रशासन की प्रतिक्रिया क्या रहेगी, इस पर आधार पर हमारा फैसला रहेगा.” बीजापुर जिले के पुलिस अधीक्षक आंजनेय वाष्र्णेय ने एक बयान में कहा कि माओवादियों द्वारा इस संबंध में एक बयान जारी करने के बाद पुलिस को कुड़ियाम के अपहरण के बारे में जानकारी मिली.
पुलिस अधिकारी ने बयान में कहा है, ”हमें माओवादियों द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति मिली जिसमें कांस्टेबल शंकर कुड़ियाम के अपहरण का उल्लेख था. हमारी जानकारी के अनुसार वह कुछ दिन पहले अपने परिचित से मिलने के लिए इत्तमपार-उसपरी इलाके में गया था और तब से वह घर नहीं लौटा है. माओवादी प्रेस विज्ञप्ति के बारे में जानने के बाद परिवार और गांव के बुजुर्गों ने शंकर की सुरक्षित रिहाई की अपील की है.” इस बीच आदिवासी संगठनों के प्रमुख संगठन ‘सर्व आदिवासी समाज’ ने नक्सलियों से पोड़ियाम को रिहा करने की अपील की है.
आदिवासी नेता सीताराम मांझी ने कहा कि समाज की भैरमगढ़ ब्लॉक इकाई को सूचना मिली कि पोडियाम पिछले एक सप्ताह से लापता है. उनके परिवार के सदस्य उसका पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है. मांझी ने बताया कि समाज ने नक्सलियों से अपील की है कि यदि कुड़ियाम उनके कब्जे में हैं, तो उन्हें रिहा कर दिया जाए क्योंकि वह अपने परिवार के लिए आजीविका कमाने के लिए सुरक्षा बल में शामिल हुए हैं.


