Thursday, September 24, 2026
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सिपेट में “धातु और संबद्ध उद्योगों के लिए सतत टूलिंग और विनिर्माण” विषय पर इंडस्ट्री मीट का आयोजन हुआ

रायपुर। केन्द्रीय पेट्रोरसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (सिपेट) द्वारा “Sustainable Tooling & Manufacturing for Metal and Allied Industries” विषय पर एक महत्वपूर्ण इंडस्ट्री इंटरैक्शन मीट का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के  उद्देश्य में धातु एवं संबंधित उद्योगों में सतत (sustainable) तकनीकों, आधुनिक टूलिंग सिस्टम तथा पर्यावरण-अनुकूल विनिर्माण प्रक्रियाओं को बढ़ावा देना, तकनीकी मैंनपावर हेतु उद्योग जगत की आवश्यकताओं पर चर्चा करना शामिल है|

कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि श्री शंकर बजाज एवं कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ.आलोक साहू द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया| तत्पश्चात डॉ.आलोक साहू द्वारा अध्यक्षीय उद्बोधन में उद्मियों को संबोधित करते हुए सिपेट में संचालित गतिविधियों से अवगत कराया गया तथा वर्तमान परिदृश्य में टूलिंग के क्षेत्र नवीन तकनीक के बारे में चर्चा करते हुए राज्य के युवाओं को ज्यादा से ज्यादा प्रशिक्षण प्रदाय पर जोर दिया गया |

तत्पश्चात मुख्य अतिथि श्री शंकर बजाज, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ फेडरेशन ऑफ़ इंडस्ट्रीज, रायपुर द्वारा संगोष्ठी में उपस्थित उद्मियों को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य में टूलिंग के व्यवसाय में ज्यादा से ज्यादा उद्मियों को जुड़ने का आह्वान किया गया तथा भविष्य की आवश्यकताओं, बदलते वैश्विक परिदृश्य के अनुरूप नवीनतम टूलिंग तकनीक एवं मशीनों के विकास पर जोर देते हुए सिपेट द्वारा तत्सम्बंध में किये जा रहे प्रयासों को सहारा गया |

श्री शंकर बजाज द्वारा सिपेट द्वारा नियमित आधार पर आयोजित की जाने वाली उद्धमी संगोष्ठीयों तथा इसके माध्यम से उद्योग-संस्थान समन्वयन को मजबूत करने के प्रयासों की प्रशंसा की गई तथा आभार जताया गया |

तत्पश्चात डॉ. सौम्य गंगोपाध्याय, संयुक्त प्राध्यापक, भारतीय तकनीकी संस्थान, भिलाई द्वारा “Sustainable tooling & Manufacturing for Metal and allied industries” बिषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान देते हुए टूलिंग तकनीकी के समन्वयित विकास की तकनीकी की जानकारी प्रदान की गई |

श्री एन.रविन्द्र रेड्डी, प्रबंधक (तकनीकी) सिपेट द्वारा हितधारकों के लिए सिपेट की भूमिका एवं उससे मिलने बाले लाभ के बारे में बताया| कार्यशाला का समापन एक संवादात्मक सत्र के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों के साथ अपनी समस्याओं एवं उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम के अंत में श्री रूपावथ श्रीनु, सहायक तकनीकी अधिकारी द्वारा सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया तथा भविष्य में इस प्रकार के और आयोजन करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।

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