Homeदिल्लीCJP के बाद कांग्रेस, AAP और AISA पर शिकंजा, 10 बड़े नेता...

CJP के बाद कांग्रेस, AAP और AISA पर शिकंजा, 10 बड़े नेता दिल्ली पुलिस के रडार पर

नई दिल्ली

 दिल्ली में SIR के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान दर्ज किए गए सभी 57 मामलों की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार के निर्देश पर यह कदम उठाया गया है।

इन मामलों में विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। मामलों की गहन और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए क्राइम ब्रांच ने साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो और अन्य तकनीकी माध्यमों से सबूत एकत्र कर रही है। पुख्ता साक्ष्य मिलने के बाद आरोपियों और संदिग्धों को पूछताछ के लिए नोटिस भेजे जाएंगे।

57 मामलों की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी

ये सभी केस प्रदर्शन के दौरान धारा-163 का उल्लंघन करने, सरकारी व निजी संपत्तियों की तोड़फोड़, पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट, उनके कार्य में बाधा डालने, पुलिस अधिकारी के वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर उसे गलत तरीके से वायरल करने के हैं।

इसके साथ ही पुलिस अधिकारी को जातिसूचक शब्द कहने, गुरुद्वारा में जबरन घुसने, दंगा भड़काने, बैरीकेड तोड़ने आदि गंभीर कई धाराओं में दर्ज हुए थे।

दिल्ली पुलिस ने 57 केस दर्ज किए 

2 से 16 अक्टूबर के बीच वामपंथी संगठनों, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, सीजेपी व आइसा आदि संगठनों के नेताओं, कार्यकर्ताओं व समर्थकों ने नई दिल्ली जिले के अलावा अन्य जिलों में प्रदर्शन किया।

करीब 15 दिन तक प्रदर्शन दिल्ली पुलिस समेत तमाम केंद्रीय एजेंसियों के लिए चुनौती बने रहे।जिससे नई दिल्ली जिला समेत अन्य जिले के विभिन्न थानों में 57 केस दर्ज किए गए थे। आयुक्त ने अब सभी मामले को बेहतर जांच के लिए क्राइम ब्रांच में ट्रांसफर कर दिया है।

10 मामलों में बड़े नेताओं की भूमिका

पुलिस अधिकारी का कहना है कि इन सभी संवेदनशील मामलों की बेहतर तरीके से जांच की जाएगी। करीब 10 ऐसे केस दर्ज हुए हैं जिनमें विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के नेताओं की भूमिका के बारे में पता लग सकता है।

इसलिए क्राइम ब्रांच अब सीसीटीवी फुटेज व मोबाइल से बनाए गए वीडियो समेत तमाम अन्य तरीके से साक्ष्य जुटाने का काम करेगी।

साक्ष्य मिलने पर नेता बन सकते हैं आरोपी

जिन मामलों में राजनीतिक पार्टियों के बड़े नेताओं की भूमिका के बारे में पता लगेगा उनमें उन्हें आरोपी बनाया जा सकता है। साक्ष्य जुटाने के बाद क्राइम ब्रांच उन्हें जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेज सकती है।

 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments