Sunday, September 27, 2026
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नक्सल मुक्त भारत के बाद ‘ऑपरेशन द एंड’ शुरू, नक्सलियों के अर्थतंत्र और स्मारकों पर बुलडोजर एक्शन

नारायणपुर: अबूझमाड़ में नक्सल गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए सुरक्षा बल लगातार अभियान चला रही है. इसी कड़ी में आईटीबीपी की 29वीं बटालियन और स्थानीय पुलिस द्वारा नारायणपुर जिले के धनोरा-ओरछा क्षेत्र में विशेष सर्च ऑपरेशन चलाया गया. यह ऑपरेशन संभावित नक्सली गतिविधियों और संदिग्ध ठिकानों की तलाश के लिए खोड़पार और आसपास के गांवों में संचालित किया गया. इस ऑपरेशन में बड़ी मात्रा में नक्सलियों द्वारा अबूझमाड़ के जंगलों में छिपा कर रखे गए हथियार, विस्फोटक, और दैनिक उपयोग की सामग्री और लड़ाई के दौरान उपयोग किए जाने वाले सुरक्षा सामग्री बरामद हुई.

माओवादियों का गोला बारूद बरामद

जवानों के मुताबिक, कोंडागांव मुख्यालय 29वीं वाहिनी आईटीबीपी बटालियन की “E” कंपनी थाना क्षेत्र धनोरा से विशेष सर्च अभियान पर रवाना हुई थी. इस अभियान की निगरानी कमांडेंट दुष्यंत राज जायसवाल और नेतृत्व सेकेंड इन कमांड दीपक सेमल्टी द्वारा किया गया. टीम में कुल 58 जवान शामिल थे, जिनमें 2 गजटेड ऑफिसर, 8 सब-ऑफिसर, 47 अन्य जवान, 1 छत्तीसगढ़ पुलिस का जवान शामिल था. इसके अलावा इंटेलिजेंस टीम, स्मॉल एक्शन टीम, BDDS (बम निष्क्रिय दस्ता) भी अभियान में साथ गया था.

अबूझमाड़ के ओरछा में पहुंची फोर्स

सर्च ऑपरेशन का इलाका ओरछा से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित गोमाकाल खोड़पार और आसपास के जंगल-पहाड़ी क्षेत्रों में था. यह इलाका नक्सल गतिविधियों के लिए संवेदनशील माना जाता है, इसलिए सुरक्षा बल लगातार इलाके में लगातार गश्त बढ़ा रहे हैं. फोर्स 2 बजे धनोरा से रवाना हुई और तय ऑपरेशन पूरा कर सुरक्षित वापस कंपनी मुख्यालय पहुंच गई.

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आईटीबीपी टीम को मिली सफलता

सर्च अभियान में आईटीबीपी 29 वीं वाहिनी की टीम को अबूझमाड़ के जंगलों में नक्सलियों द्वारा छुपा कर रखे गए हथियार एवं विस्फोटक सामग्रियों की खेप बरामद की. नक्सलियों ने यह सामान जंगल पहाड़ों में पत्थरों के गुफानुमा स्थान पर छिपा कर रखा था. बरामद हथियारों मेंं थ्री नॉट थ्री बंदूक , भरमार , रॉकेट लांचर, बड़ी संख्या में कटर, विस्फोटक सामग्री, बीजीएल सेल, यूबीजीएल सेल और तार के बंडल बरामद किये गए. इसके साथ ही मैगजीन, कारतूस भी मौके पर मिले जिसे सुरक्षाबलों ने अपने कब्जे में ले लिया. क्षेत्र में सर्च अभियान तेज कर दिया गया है.

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ऑपरेशन का उद्देश्य

सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नक्सलियों के संभावित ठिकानों की तलाश, विस्फोटक सामग्री की जांच, ग्रामीणों से संवाद, इलाके में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाना है. अबूझमाड़ क्षेत्र में हाल के महीनों में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं, ताकि 31 मार्च 2026 तक नक्सल-मुक्त बस्तर के लक्ष्य को हासिल किया जा सके.

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आगे भी ऑपरेशन जारी रखने की कही बात

सुरक्षा बलों ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई, सभी जवान सुरक्षित रहे, इलाके की स्थिति सामान्य पाई गई हालांकि संवेदनशील इलाकों में आगे भी सर्च अभियान जारी रहेंगे. अबूझमाड़ क्षेत्र में लगातार चल रहे सुरक्षा अभियानों से यह साफ है कि नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई तेज हो चुकी है. सुरक्षा बलों का कहना है कि ग्रामीणों के सहयोग, लगातार सर्च ऑपरेशन और विकास कार्यों के जरिए अबूझमाड़ में शांति और विश्वास कायम करने का प्रयास आगे भी जारी रहेगा.

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