वाराणसी. भारतीय हॉकी टीम के दिग्गज खिलाड़ी रहे ओलंपियन पद्मश्री मोहम्मद शाहिद के वाराणसी स्थित घर का एक हिस्सा सड़क चौड़ीकरण अभियान के दौरान बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया. शाहिद के परिवार के कुछ सदस्यों ने इस पर नाराजगी जाहिर की है. हालांकि प्रशासन का कहना है कि परिवार के सिर्फ उन्हीं लोगों के हिस्से को ध्वस्त किया गया है जिन्हें पहले ही इसके लिए मुआवजा दिया जा चुका है.
प्रतिष्ठित हॉकी खिलाड़ी का घर संदाहा मार्ग पर स्थित है, जहां रविवार को सड़क चौड़ीकरण के उद्देश्य से ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया था. शाहिद की भाभी नाजनीन ने दावा किया कि उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिला है लेकिन मकान में उनके हिस्से को भी तोड़ दिया गया है और अब उनके पास सिर छुपाने के लिए कोई जगह नहीं बची है.
उन्होंने दावा किया, “हमारे परिवार के पास रहने के लिए और कोई जगह नहीं है.” शाहिद के चचेरे भाई मुश्ताक ने बताया कि अक्टूबर में ही परिवार में एक शादी है और उसकी तैयारी चल रही है लेकिन अब मकान तोड़ दिया गया है तो कहां जाएं. उन्होंने दावा किया कि प्रभावित परिवार के पास कहीं और एक इंच भी जमीन नहीं है. उन्होंने कहा, “अगर यही हाल रहा, तो हमें सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ेगा.” मुश्ताक ने भेदभाव का भी आरोप लगाया और दावा किया कि जहां अन्य जगहों पर सड़क चौड़ीकरण 21 मीटर तक सीमित था, वहीं उनके इलाके में सड़क को 25 मीटर चौड़ा किया जा रहा है.
वाराणसी के अपर जिलाधिकारी आलोक वर्मा ने कहा, “सड़क चौड़ीकरण परियोजना में केवल उन्हीं संपत्तियों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है जिनके लिए मुआवजा पहले ही दिया जा चुका है. कभी-कभी बुलडोजर चलाने के दौरान थोड़ा-बहुत अतिरिक्त हिस्सा भी जद में आ सकता है लेकिन किसी भी ढांचे को मनमाने ढंग से नहीं तोड़ा जा रहा है.” मोहम्मद शाहिद के घर के बारे में वर्मा ने कहा कि उस घर में नौ हिस्सेदार रहते थे, जिनमें से छह को मुआवजा मिल चुका था. बाकी तीन लोगों ने अदालत से स्थगन आदेश ले लिया था तो उनके हिस्से को छोड़ दिया गया है.
उन्होंने कहा, “सड़क चौड़ीकरण के लिये अब तक 13 घर तोड़े जा चुके हैं.” वर्मा ने आगे बताया कि प्रशासन ने मुआवजा देने के लिए आधार और बैंक खाते की जानकारी मांगी थी लेकिन परिवार ने दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए. उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने पद्मश्री ओलंपियन मोहम्मद शाहिद के मकान पर की गई इस कार्यवाही की निंदा की है.
उन्होंने कहा, “भाजपा सरकार ने पद्मश्री मोहम्मद शाहिद का घर गिरा दिया है. यह सिर्फ एक घर नहीं, बल्कि देश की खेल विरासत का प्रतीक था. काशी की धरती पर प्रतिभाओं और प्रतिष्ठित हस्तियों का अपमान करने वाली भाजपा सरकार को जनता कभी माफ नहीं करेगी.” भारतीय जनता पार्टी की महानगर इकाई के अध्यक्ष प्रदीप आग्रहरि ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि जिसको मुआवजा मिला है उसी का मकान तोड़ा जा रहा है. ”सड़क चौड़ी होने से काशी की पूरी जनता को फायदा होगा. ” उन्होंने आरोप लगाया, “सड़क चौडीकरण को लेकर विपक्षी पार्टी के लोग जनता को बरगलाने और भड़काने के लिए अनर्गल बयान दे रहे हैं.” अग्रहरि ने कहा कि शहर में कई जगह सड़कें चौड़ी की जा रही हैं.


