Homeदेश विदेशमहिलाएं शुरू करें छोटे उद्योग: शिवराज सिंह चौहान

महिलाएं शुरू करें छोटे उद्योग: शिवराज सिंह चौहान

रायसेन और विदिशा से पायलट अभियान की शुरुआत, हर गांव के हर परिवार को आजीविका से जोड़कर बनाएंगे गरीबी मुक्त गांव- शिवराज सिंह चौहान

कृषि और पशुपालन एक ही सिक्के के दो पहलू, महिला किसान ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला- शिवराज सिंह चौहान

खेती करने वाली बहनें ही असली महिला किसान, उन्हें औपचारिक पहचान दिलाने के लिए पूरी ताकत से प्रयास करेंगे- शिवराज सिंह चौहान

 

महिला किसानों को तकनीकी सहयोग, प्रशिक्षण और बिना गारंटी के ऋण उपलब्ध कराने के लिए करेंगे प्रयास- शिवराज सिंह चौहान

महिला FPO को प्रोत्साहन, खरीद में वरीयता और महिला किसानों के लिए कृषि योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने पर होगा काम- शिवराज सिंह चौहान

बहनों को आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाना हमारा संकल्प, महिलाएं आगे बढ़ेंगी तो देश विकसित बनेगा- शिवराज सिंह चौहान

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 46 सड़कों का भूमि पूजन, गांव-गांव तक पहुंचेंगी बेहतर सड़कें- शिवराज सिंह चौहान
नई दिल्ली
केन्द्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार को अपने संसदीय क्षेत्र सांची के दौरे पर रहे। इस दौरान वे महिला किसान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 46 सड़कों के भूमिपूजन कार्यक्रम में भी शामिल हुए। महिला किसान दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि खेती-किसानी में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। खेतों में काम करने से लेकर पशुपालन, दूध उत्पादन, चारा प्रबंधन और पशुओं की देखभाल तक महिलाएं महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। इसके बावजूद उन्हें औपचारिक रूप से किसान की पहचान दिलाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि, जो बहनें अपने हाथों से खेती का काम करती हैं, वो महिला किसान हैं और उन्हें औपचारिक पहचान दिलाने के लिए पूरी ताकत से प्रयास किए जाएंगे।

खेती करने वाली बहनों को मिले महिला किसान की औपचारिक पहचान
केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसान की पहचान केवल जमीन के स्वामित्व से नहीं, बल्कि खेती में उसके वास्तविक योगदान से भी होनी चाहिए। जो व्यक्ति खेत का मालिक है, लेकिन खेती के काम में भागीदारी नहीं करता, उसकी तुलना उस व्यक्ति से नहीं की जा सकती जो अपने हाथों से खेत में मेहनत करता है। उन्होंने कहा कि अनाज उत्पादन के साथ फल, सब्जियां, औषधीय पौधों की खेती, पशुपालन, मछली पालन और मुर्गी पालन भी कृषि से जुड़ी महत्वपूर्ण गतिविधियां हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी कार्यों में महिलाएं बड़ी भूमिका निभाती हैं। गाय-भैंस की सेवा, दूध निकालना, चारा काटना और पशुओं की देखभाल जैसे अनेक काम महिलाएं करती हैं। इसलिए महिला किसानों को उनकी मेहनत के अनुरूप पहचान और सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री के रूप में वे इस विषय को संबंधित मंचों पर पूरी मजबूती से उठाएंगे।

रायसेन-विदिशा से शुरू होगा हर परिवार को आजीविका से जोड़ने का अभियान
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि रायसेन और विदिशा से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में एक ऐसी योजना की शुरुआत की जा रही है, जिसका उद्देश्य हर गांव के हर परिवार को कम से कम एक आजीविका से जोड़ना है। इसका लक्ष्य गांवों को गरीबी मुक्त बनाना और परिवारों की आय के स्थायी साधन विकसित करना है। उन्होंने कहा कि गरीबी से मुक्ति केवल सहायता देने से नहीं, बल्कि परिवारों को रोजगार और कमाई के अवसर उपलब्ध कराने से मिलेगी। खेती, कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन, प्रोसेसिंग, पशुपालन, बकरी पालन, मछली पालन और छोटे व्यवसायों के माध्यम से परिवारों को आजीविका से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि हर परिवार के पास आय का साधन होना चाहिए और इस अभियान में महिला किसानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।

महिला किसान अब छोटे उद्यमों से आगे बढ़कर बनेंगी उद्यमी
केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि महिलाओं को केवल पारंपरिक कार्यों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। बड़ी, पापड़, अचार बनाने, बकरी पालन, मुर्गी पालन और पशुपालन जैसे कार्यों के साथ अब उन्हें कृषि आधारित छोटे उद्योगों की दिशा में भी आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में दलहन का उत्पादन अधिक होता है, तो वहां छोटी दाल मिल स्थापित की जा सकती है। इसी तरह तेल उत्पादन, टमाटर से केचप बनाने और अन्य कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग के छोटे उद्योग शुरू किए जा सकते हैं। इसके लिए महिलाओं को प्रशिक्षण, मशीनें और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि महिलाओं में उद्यमिता की अपार संभावनाएं हैं। जरूरत उन्हें सही मार्गदर्शन, संसाधन और अवसर उपलब्ध कराने की है, ताकि वे अपने उत्पादों का मूल्य बढ़ाकर अधिक आय अर्जित कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।

महिला उद्यमिता के लिए वित्तीय और तकनीकी सहायता पर होगा काम
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि महिला किसानों और महिला उद्यमियों को आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय सेवाएं, तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण, मार्गदर्शन, लाइसेंस और दस्तावेजीकरण जैसी सुविधाएं महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को ऐसे ऋण उपलब्ध कराने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे, जिनमें गारंटी की आवश्यकता कम हो या न हो, ताकि आर्थिक संसाधनों की कमी उनके उद्यम शुरू करने में बाधा न बने। उन्होंने महिला केंद्रित उद्यमिता योजनाओं की आवश्यकता पर सहमति जताते हुए कहा कि महिलाओं को छोटे उद्योग स्थापित करने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक सहयोग मिलना चाहिए।

 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments