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कोरोना के बाद फिर लैब से बीमारी फैलने का डर? रूस में वैज्ञानिक की मौत के बाद बढ़ी चिंता

मॉस्को 

रूस के साइबेरिया क्षेत्र में रहस्यमय इंफेक्शन ने हड़कंप मचा दिया है. यहां की प्रयोगशाला में एक महिला कर्मचारी की संदिग्ध खतरनाक संक्रमण को लेकर अधिकारियों में न सिर्फ चिंता बढ़ गई है बल्कि स्थिति पैनिक हो रही है.  घटना इरकुत्स्क के पास स्थित शेलेखोव के एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट में हुई बताई जा रही है, ऐसे में प्लेग के निमोनिक वेरियंट के फैलने की आशंका जताई जा रही है. रूस की सरकारी समाचार एजेंसी TASS के मुताबिक प्रयोगशाला में काम करने वाले एक कर्मचारी की मौत हो गई, जिसने हालात को और गंभीर बना दिया है। 

बताया जा रहा है कि मृतक को ऐसे निमोनिया का पता चला था, जिसका कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है. हालांकि घटना के दौरान वास्तव में कौन-सा संक्रमण या पदार्थ बाहर निकला, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. रूस की संक्रमण नियंत्रण एजेंसी रोस्पोट्रेबनादजोर (Rospotrebnadzor) मामले की जांच और स्थिति पर निगरानी रख रही है, लेकिन ज्यादा जानकारी अब भी सामने नहीं आई है. घटना के बाद स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। 

रहस्यमय बीमारी को लेकर मचा हड़कंप 
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल इरकुत्स्क क्षेत्र, इरकुत्स्क शहर और शेलेखोव की सैनिटरी तथा महामारी संबंधी स्थिति सामान्य और स्थिर है. अभी यह साफ नहीं है कि प्रयोगशाला में हुई दुर्घटना का संक्रमण फैलने से कोई सीधा संबंध है या नहीं. अधिकारी घटना की वजह और रिस्क की जांच कर रहे हैं. इरकुत्स्क एंटी-प्लेग इंस्टीट्यूट से जुड़े इस मामले में मृतक 28 वर्षीय महिला कर्मचारी बताई जा रही है. स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक उसे ऐसे निमोनिया की शिकायत थी, जिसके संक्रमण की वजह नहीं पता चल सकी है. वहीं  आशंका जताई जा रही थी कि महिला की मौत प्लेग से हो सकती है, लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बुर्यातिया में फिलहाल प्लेग का कोई प्रकोप नहीं है। 

200 लोग मेडिकल निगरानी में 
संक्रमण की आशंका के चलते शेलेखोव में उस अस्पताल की निगरानी बढ़ाए जाने की खबर है, जहां कर्मचारी को भर्ती कराया गया था. स्थानीय मीडिया के मुताबिक करीब 200 लोगों को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया, जबकि शहर के एक डिलीवरी हॉस्पिटल में भी एहतियाती क्वारंटीन लागू किए जाने की बात सामने आई है. हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. इरकुत्स्क एल्युमिनियम प्लांट ने कर्मचारियों को एहतियात के तौर पर मास्क पहनने की सलाह दी है. कंपनी ने कहा कि जिन लोगों का मरीज से करीबी संपर्क था, उनकी निगरानी की जा रही है और अब तक उनमें बीमारी के लक्षण नहीं मिले हैं। 

क्या हो सकती है ये बीमारी?
आशंका है कि ये बीमारी निमोनिक प्लेग हो सकती है, तो फेफड़ों को प्रभावित करने वाला गंभीर संक्रमण है और सांस से निकलने वाली ड्रॉपलेट्स के जरिए फैल सकता है. हालांकि विशेषज्ञों ने कहा है कि फिलहाल यह साबित नहीं हुआ है कि मामला प्लेग का ही है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक प्लेग गंभीर बीमारी हो सकती है, लेकिन समय पर पहचान और उचित एंटीबायोटिक उपचार मिलने पर इसका इलाज संभव है। 

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