नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सालाना सब्सिडी वाले गैस सिलेंडरों की संख्या 9 से घटाकर 4 कर दी है। सरकार का कहना है कि यह फैसला लाभार्थियों की औसत घरेलू खपत और सब्सिडी पर होने वाले खर्च का अध्ययन करने के बाद लिया गया है।
जानकारी के अनुसार, उज्ज्वला योजना के तहत लाभार्थियों को पहले वर्ष में निर्धारित संख्या में सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराए जाते थे। सरकार द्वारा किए गए नए बदलाव के बाद अब केवल चार सिलेंडरों पर ही सब्सिडी का लाभ मिलेगा।
केंद्र सरकार ने मई 2022 में 14.2 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर पर 200 रुपये की लक्षित सब्सिडी शुरू की थी। बाद में इस सहायता राशि में बढ़ोतरी की गई ताकि लाभार्थियों को रसोई गैस की बढ़ती कीमतों से राहत मिल सके। अब सरकार ने लाभार्थियों की वास्तविक खपत को आधार बनाते हुए सब्सिडी का दायरा सीमित करने का फैसला किया है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, देशभर में उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों की औसत वार्षिक गैस खपत का विश्लेषण करने के बाद यह निर्णय लिया गया है। सरकार का मानना है कि अधिकांश लाभार्थी वर्ष में सीमित संख्या में ही सिलेंडरों का उपयोग करते हैं, इसलिए सब्सिडी व्यवस्था को उसी के अनुरूप बनाया गया है।
सरकार के इस फैसले का असर करोड़ों उज्ज्वला लाभार्थियों पर पड़ सकता है। हालांकि, केंद्र का दावा है कि इससे सब्सिडी का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक अधिक प्रभावी तरीके से पहुंच सकेगा और सरकारी व्यय में भी संतुलन बना रहेगा।


