ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले में नया मोड़ सामने आया है। भोपाल पुलिस कमिश्नर ने पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर बड़ा खुलासा किया। ट्विशा के परिजनों ने CM डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की।
भोपाल। ट्विशा शर्मा मामले में भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए बड़ा अपडेट दिया। ट्विशा के परिवार ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस बीच जानकारी सामने आई है कि, ट्विशा के परिजनों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। सीएम ने परिजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।
भोपाल के पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने बुधवार बताया कि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में साफ तौर पर मौत की वजह फांसी लगाना बताई गई है। यह जानकारी तब सामने आई जब ट्विशा के परिवार वालों ने किसी गड़बड़ी की आशंका जताई थी। उनका कहना था कि, ट्विशा अपने ससुराल में बहुत ज्यादा परेशान थी और भोपाल छोड़कर नोएडा वापस आना चाहती थी।
कमिश्नर ने जोर देकर कहा कि पुलिस इस मामले की जांच पूरी तरह से आत्महत्या के नजरिए से कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि अब चल रही जांच का मुख्य मकसद उन खास हालात का पता लगाना होगा जिनकी वजह से ट्विशा ने इतना बड़ा कदम उठाया।
CBI को लिखा जा सकता है पत्र
इधर ट्विशा शर्मा के परिजनों ने बुधवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। सीएम डॉ. यादव ने उन्हें आश्वस्त किया कि, राज्य सरकार इस प्रकरण में परिवार की पूरी सहायता करेगी। इस मामले में जांच के लिए सीबीआई को पत्र भेजा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि मृतका के दोबारा पोस्टमॉर्टम के संबंध में न्यायालय निर्णय करेगा, लेकिन परिजन यदि चाहते हैं तो पार्थिव शरीर को दिल्ली एम्स ले जाने के लिए परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

12 मई को हुई थी मौत
बता दें कि, 12 मई को ट्विशा अपने भोपाल वाले ससुराल की छत पर लगी एक एक्सरसाइज रॉड से लटकी हुई मिली थी। इस मौत के बाद काफी हंगामा मच गया, क्योंकि ट्विशा के परिवार वालों ने उसके पति और ससुराल वालों पर लंबे समय से मानसिक और शारीरिक शोषण करने और दहेज के लिए परेशान करने का आरोप लगाया था।
आठ दिन से फरार है पति
ट्विशा की शादी दिसंबर 2025 में रिटायर्ड सेशन जज गिरिबाला सिंह के बेटे समर्थ सिंह से हुई थी। दोनों की मुलाकात 2024 में एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी। ट्विशा की मौत के बाद से समर्थ सिंह पिछले आठ दिनों से फरार है।
इस मामले ने तब और ज्यादा सुर्खियां बटोरीं जब ट्विशा के पिता ने आरोप लगाया कि आरोपी परिवार अपने कानूनी बैकग्राउंड और रसूख का इस्तेमाल करके कोर्ट से राहत पाने की कोशिश कर रहा है।
दो दिन में दर्ज की FIR
बाहरी दबाव के आरोपों को खारिज करते हुए भोपाल पुलिस कमिश्नर ने कहा कि, पुलिस पूरी तरह से आजादी से और तेजी से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि, पुलिस मुख्यालय के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, ऐसे मामलों में FIR दर्ज करने के लिए एक महीने तक का समय मिल सकता है लेकिन विभाग ने सिर्फ दो दिनों के अंदर ही FIR दर्ज कर ली।
मामले में की जा रही है पूछताछ
एक प्रक्रिया से जुड़े मामले पर, जिसमें फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) ने फांसी लगाने में इस्तेमाल हुई चीज (लिगेचर मटीरियल) को जब्त करके पोस्टमॉर्टम के बाद AIIMS भेज दिया था। कमिश्नर ने भरोसा दिलाया कि ऐसा क्यों हुआ, इसकी जांच के लिए एक अलग से पूछताछ चल रही है।
दोबारा पीएम करवाने से कोई आपत्ति नहीं
कुमार ने यह भी कहा कि अगर परिवार वाले दूसरी बार पोस्टमॉर्टम करवाने की मांग करते हैं, तो पुलिस को इस पर कोई आपत्ति नहीं होगी। उन्होंने यह भी बताया कि लिगेचर मटीरियल पर फोरेंसिक रिपोर्ट मिल गई है और वह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के नतीजों से पूरी तरह मेल खाती है।
पुलिस हिरासत में होगा समर्थ
पुलिस की कई टीमें आरोपी समर्थ को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं। गिरफ्तारी में हुई देरी को स्वीकार करते हुए, कमिश्नर ने टिप्पणी की कि कभी-कभी बड़े अपराधी जल्दी पकड़े जाते हैं जबकि छोटे अपराधियों को पकड़ने में समय लगता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समर्थ जल्द ही पुलिस हिरासत में होगा।


