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भारतीय ज्ञान परंपरा को नई पीढ़ी से जोड़ने के योगी सरकार के प्रयासों को मिल रही व्यापक सफलता

21 नवंबर को प्रदेशभर में होगी राष्ट्रीय परीक्षा, भारतीय ज्ञान, दर्शन, विज्ञान और सांस्कृतिक विरासत से रूबरू होंगे युवा

त्रि-स्तरीय पारदर्शी मूल्यांकन से होगा मेधावियों का चयन, विजेताओं को मिलेगा 1 लाख रुपये तक का पुरस्कार

लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार भारतीय ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली इतिहास को नई पीढ़ी से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसी दिशा में आयोजित अखिल भारतीय 'भारत बौद्धिक्स 2.0 नेशनल एग्जामिनेशन-2026' को प्रदेश के युवाओं का व्यापक समर्थन मिल रहा है। अब तक 1 लाख 60 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं इस राष्ट्रीय ज्ञान प्रतियोगिता के लिए पंजीकरण करा चुके हैं। उत्तर प्रदेश का लक्ष्य इस परीक्षा में अधिकतम युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित कर राष्ट्रीय स्तर पर नया कीर्तिमान स्थापित करना है। विद्यार्थियों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ाकर 5 नवंबर 2026 कर दी गई है।

भारतीय ज्ञान परंपरा को शिक्षा से जोड़ने की पहल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप प्रदेश सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के तहत भारतीय ज्ञान परंपरा को शिक्षा व्यवस्था में प्रोत्साहित कर रही है। 'भारत बौद्धिक्स 2.0' इसी सोच को आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण अभियान है। इसका उद्देश्य युवा पीढ़ी को भारत के समृद्ध दर्शन, विज्ञान, कला, साहित्य, ज्ञान-विज्ञान और बौद्धिक विरासत से परिचित कराना तथा उनमें अपनी सभ्यता और संस्कृति के प्रति गौरवबोध विकसित करना है। यह पहल विद्यार्थियों को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ ही विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में उनकी बौद्धिक भूमिका को भी मजबूत करेगी।

उच्च शिक्षा मंत्री ने की तैयारियों की समीक्षा
मंगलवार को उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने लखनऊ स्थित अपने आवास से आयोजित उच्चस्तरीय वर्चुअल बैठक में परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने प्रदेश के सभी राज्य, निजी एवं केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, कुलसचिवों, परीक्षा नियंत्रकों, महाविद्यालयों के प्राचार्यों और क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष समय में विशेष अभियान चलाकर अधिक से अधिक विद्यार्थियों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय और महाविद्यालय स्तर पर प्राध्यापकों एवं नोडल अधिकारियों की सक्रिय टीमें गठित कर सीधे कक्षाओं तक पहुंच बनाई जाए, ताकि कोई भी इच्छुक विद्यार्थी इस राष्ट्रीय ज्ञान अभियान से वंचित न रहे।

परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता पर विशेष जोर
परीक्षा के निष्पक्ष, गोपनीय एवं व्यवस्थित संचालन के लिए मंत्री ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों को विश्वविद्यालय स्तरीय नोडल अधिकारी तथा परीक्षा नियंत्रकों को विश्वविद्यालय स्तरीय परीक्षा नियंत्रक नामित करने के निर्देश दिए। परीक्षा नियंत्रकों को प्रश्नपत्रों की गोपनीयता, सुरक्षित संग्रहण, केंद्रों तक समयबद्ध वितरण, परीक्षा केंद्रों पर अनुशासन तथा उत्तर पुस्तिकाओं के संकलन और मूल्यांकन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आवश्यकता के अनुसार जिला प्रशासन से भी समन्वय स्थापित किया जाएगा।

21 नवंबर को होगी दो घंटे की ऑफलाइन परीक्षा
'भारत बौद्धिक्स 2.0 नेशनल एग्जामिनेशन-2026' का आयोजन 21 नवंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक प्रदेशभर में किया जाएगा। दो घंटे की इस ऑफलाइन परीक्षा में कला, विज्ञान, वाणिज्य और सामाजिक विज्ञान विषयों के स्नातक एवं परास्नातक स्तर के विद्यार्थी प्रतिभाग करेंगे। परीक्षा का पाठ्यक्रम और विस्तृत दिशा-निर्देश आधिकारिक पोर्टल bharatboudhiks.com पर उपलब्ध हैं।

मेधावियों को मिलेंगे आकर्षक पुरस्कार
परीक्षा के बाद त्रि-स्तरीय पारदर्शी मूल्यांकन प्रक्रिया के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर मेधावियों का चयन किया जाएगा। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को एक लाख रुपये, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले दो विद्यार्थियों को 50-50 हजार रुपये तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले चार विद्यार्थियों को 25-25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। इसके अतिरिक्त 300 विद्यार्थियों को 2,500-2,500 रुपये के सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

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