भोपाल
किसान, युवा, महिलाओं की मेहनत और मुख्यमंत्री डॉ यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर है, मध्यप्रदेश विकासशील राज्य से विकसित राज्य की ओर बढ़ रहा है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने यह बातें 71वें मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर सांदीपनि विद्यालय सागर में आयोजित समारोह में कही।
मंत्री राजपूत ने कहा कि मध्यप्रदेश केवल भारत के नक्शे पर बना एक राज्य नहीं, बल्कि देश की आत्मा, संस्कृति और सभ्यता का जीवंत स्वरूप है। यह राजा विक्रमादित्य की न्यायप्रियता, सम्राट अशोक के इतिहास, रानी दुर्गावती और रानी अवंतीबाई के शौर्य एवं बलिदान की भूमि है। भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन, भगवान राम के वनगमन पथ, भगवान कृष्ण की शिक्षा स्थली सांदीपनि आश्रम और भगवान शिव के ज्योतिर्लिंगों से यह धरती आध्यात्मिक गौरव रखती है। उन्होंने कहा कि मां नर्मदा की कल-कल बहती धारा, विंध्य और सतपुड़ा की पर्वत श्रृंखलाएं, कान्हा और बांधवगढ़ के वन, खजुराहो की अद्भुत कला तथा सांची का विश्वविख्यात इतिहास मध्यप्रदेश की विशिष्ट पहचान हैं। हमारा प्रदेश विविधताओं में एकता, परंपरा में आधुनिकता और संस्कृति में समरसता का अद्भुत उदाहरण है।
मंत्री राजपूत ने कहा कि मध्यप्रदेश की स्थापना 1 नवंबर 1956 को हुई थी और आज हम अपने प्रदेश के 71वें स्थापना दिवस का उत्सव मना रहे हैं। उन्होंने सरदार वल्लभ भाई पटेल की जन्म जयंती की सभी को बधाई देते हुए कहा कि लौह पुरुष सरदार पटेल ने देश का एकीकरण किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को भारत का हृदय प्रदेश और सागर को मध्यप्रदेश के हृदय कहा जाता है, यही हमारा गौरव है। आज किसान, युवा, महिलाओं की मेहनत और मुख्यमंत्री डॉ यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर है और विकासशील राज्य से विकसित राज्य की ओर बढ़ रहा है। आज मप्र विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।
कृषि, उद्योग, शिक्षा और स्वास्थय के क्षेत्र में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। आज मध्यप्रदेश में निवेश, उद्योग, स्टार्टअप और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि आइए, हम सब मिलकर मध्यप्रदेश को एक आदर्श राज्य बनाएं। आइए, हम सब मिलकर मध्यप्रदेश के विकास में अपना योगदान दें।
औद्योगिक विकास के नए रास्ते पर बढ़ रहा मध्यप्रदेश
मंत्री राजपूत ने कहा कि मध्यप्रदेश स्वास्थय, शिक्षा, सड़क, पानी सहित विकास के सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। आज मध्यप्रदेश टाइगर स्टेट के साथ-साथ चीता स्टेट के गौरव से सुशोभित हो रहा है। उन्होंने सागर जिले में कृषि के क्षेत्र में नवाचार और विशिष्ट कार्य करने वाले किसानों की सराहना करते हुए कहा कि समृद्ध खेती से किसान की समृद्धि संभव है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की उद्योग नीति का परिणाम है कि आज मध्यप्रदेश में निवेश बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश सहित बुन्देलखंड में नवीन उद्योग इकाईयां स्थापित हो रही है जिससे रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं। मध्यप्रदेश के विकास और समृद्धि सरकार के साथ-साथ प्रदेशवासियों की लगन और परिश्रम का परिणाम है।
मध्यप्रदेश स्थापना दिवस समारोह को विधायक शैलेंद्र जैन, महापौर संगीता तिवारी ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान डॉ हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय एवं सांदीपनि विद्यालय सागर के छात्र – छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति भी दी गई।
किसानों को किया गया सम्मानित
मध्यप्रदेश स्थापना दिवस समारोह में जैविक प्राकृतिक तकनीक से दलहन की खेती, मक्का सायलेज यूनिट की स्थापना, कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से आधुनिक यंत्रों की उपलब्धता, प्राकृतिक खेती एवं कृषक उत्पादक संगठन का गठन, बी आर सी सेंटर के माध्यम से जैविक आदानों का निर्माण तथा प्राकृतिक रूप से सब्जियों का उत्पादन सहित कृषि के क्षेत्र में नवाचार और उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सागर हीरा सिंह राजपूत अन्य जनप्रतिनिधि पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में जन समुदाय, जनप्रतिनिधि, छात्र-छात्राएं मौजूद थे।


