Homeमध्य प्रदेशभोपाल गैस त्रासदी के कचरे पर रिपोर्ट पेश, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने...

भोपाल गैस त्रासदी के कचरे पर रिपोर्ट पेश, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बताई स्थिति

भोपाल/जबलपुर 
भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के जहरीले कचरे को जलाने के बाद निकली राख में पारे की मात्रा उपस्थित होने के संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के द्वारा हाईकोर्ट में रिपोर्ट पेश की गई. हाईकोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल व जस्टिस बीपी शर्मा की युगलपीठ ने रिपोर्ट को रिकॉर्ड में लेते हुए कहा है कि अगली सुनवाई के दौरान संबंधित पक्ष के अधिवक्ता व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष प्रस्तुत करें. वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से उनके तर्कों को नही सुना जाएगा। 

क्या है पूरा मामला?
दरअसल, भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड के जहरीले कचरे का विनष्टीकरण किए जाने की मांग करते हुए आलोक प्रताप सिंह द्वारा साल 2004 में याचिका दायर की गई थी. याचिका की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की मृत्यु हो जाने पर हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई संज्ञान याचिका के रूप में शुरू कर दी थी, जिसके बाद हाईकोर्ट के आदेश पर यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे का विनष्टीकरण पीथमपुर जिला धार में किया गया था। 

पूर्व में याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट को बताया गया कि यूनियन कार्बाइड परिसर से जहरीले कचरे को हटाए जाने के बावजूद भी आसपास के कई वार्डों में आम जनता को अब भी दूषित और जहरीला पानी की सप्लाई होने का खतरा है. युगलपीठ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति के जरिए पानी के सैंपल लेकर उनकी विस्तृत जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश जारी किए थे.
विनष्टीकरण के बाद भी राख में पारा?

पिछली सुनवाई के दौरान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से पानी की जांच रिपोर्ट पेश की गई. संबंधित पक्षों ने रिपोर्ट का अध्ययन करने के लिए समय प्रदान करने का आग्रह किया. वहीं, याचिका की सुनवाई के दौरान प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया गया कि यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड के जहरीले कचरे को जलाने से बची हुई राख में पारा पाया गया है. राख का विनष्टीकरण वर्तमान में मानव बस्तियों के बहुत करीब स्थित ट्रीटमेंट, स्टोरेज और डिस्पोजल फैसिलिटी पीथमपुर, जिला धार में किया जा रहा है। 

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पेश की रिपोर्ट
सरकार की ओर से बताया गया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, सभी पैरामीटर तय सीमा के अंदर हैं. इसके बाद हाईकोर्ट ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को राख के संबंध में अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट में प्रस्तुत करने के आदेश जारी किए थे. याचिका की सुनवाई के दौरान प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की ओर से राख में उपस्थित पारा के संबंध में रिपोर्ट पेश की गई, जिसे कोर्ट में रिकॉर्ड पर लिया और संबंधित पक्षों को 27 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर तर्क देने के आदेश दिए हैं। 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments