Homeखेलभारत-वेस्टइंडीज तीसरा वनडे आज, बेंच स्ट्रेंथ को परखने के साथ गेंदबाजी पर...

भारत-वेस्टइंडीज तीसरा वनडे आज, बेंच स्ट्रेंथ को परखने के साथ गेंदबाजी पर भी नजर

नई दिल्ली
तीन मैचों की सीरीज पहले ही अपने नाम कर चुकी भारतीय टीम नजर शनिवार को महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे और आखिरी वनडे में क्लीन स्वीप के साथ बेंच पर बैठे खिलाड़ियों को मौका देने पर होगी। भारत ने सीरीज में दबदबा बनाए रखा है, लेकिन उनके प्रदर्शन के बजाय चर्चा पिच के बल्लेबाजी के अनुकूल होने पर केंद्रित रही है, क्योंकि पिछले वनडे में 800 से अधिक रन बने थे। इन परिस्थितियों की आलोचना करने वालों में भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर भी शामिल हैं, जो बल्ले और गेंद के बीच संतुलन देखना चाहते हैं।

बेंच पर बैठे खिलाड़ियों को मिल सकता है मौका
गुवाहाटी में खेले गए दूसरे वनडे में आठ विकेट से जीत के साथ भारत ने 2-0 की अजेय बढ़त बना ली थी। उस मैच में कप्तान शुभमन गिल ने नाबाद 223 और रोहित शर्मा ने 101 रन बनाए थे। इस नतीजे ने टीम मैनेजमेंट को तुरंत मिलने वाले परिणाम से आगे देखने और उन खिलाड़ियों को परखने का मौका दिया है जिन्हें सीरीज में कम खेलने का मौका मिला है। इसलिए, कल अपराह्न होने वाला तीसरा वनडे भारत की बेंच स्ट्रेंथ (रिजर्व खिलाड़ियों) के लिए एक अहम मौका साबित हो सकता है।

टॉप ऑर्डर ने दोनों मैचों में बनाए रन
ऋतुराज गायकवाड़, केएल राहुल, नीतीश कुमार रेड्डी, मोहम्मद सिराज और स्क्वाड में शामिल अन्य खिलाड़ियों पर विचार किया जा सकता है, क्योंकि भारत जीत का कॉम्बिनेशन बनाए रखते हुए खिलाड़ियों को खेलने का समय देना चाहता है। शुरुआती दोनों मैचों में रोहित-गिल और कोहली ने रन बनाए हैं। भारत की मूल वनडे टीम में 15 खिलाड़ी शामिल थे, जिनमें कप्तान गिल के अलावा रोहित, विराट कोहली, गायकवाड़, राहुल, ध्रुव जुरेल, नीतीश, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, सिराज, आकिब नबी, यशस्वी जायसवाल और नमन धीर शामिल थे। हालांकि, दूसरे वनडे के दौरान बाएं हैमस्ट्रिंग में चोट लगने के कारण प्रसिद्ध निर्णायक मैच से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह अंशुल कंबोज को टीम में शामिल किया गया है।

गेंदबाजों ने बढ़ाई टेंशन
भारत को बीच के ओवरों में भी विकेट लेने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। कुलदीप यादव को अन्य गेंदबाजों से ज्यादा सहयोग नहीं मिल रहा है। जडेजा जैसे अनुभवी खिलाड़ी पर भी सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने पिछले आठ मैचों में सिर्फ तीन विकेट लिए हैं। भारत के लिए सबसे बड़ी समस्या गेंदबाजी आक्रमण है। प्रसिद्ध कृष्णा बाएं पैर की हैमस्ट्रिंग (मांसपेशियों में खिंचाव) में चोट के कारण अंतिम वनडे से बाहर हो गए हैं और उनकी जगह अंशुल कंबोज को टीम में शामिल किया गया है।

मोहम्मद सिराज को पहले दो मैच में खेलने का मौका नहीं मिला लेकिन वह इस मैच में वापसी कर सकते हैं। हैदराबाद के इस तेज गेंदबाज ने श्रीलंका दौरे के बाद से अपनी सर्वश्रेष्ठ लय नहीं पकड़ी है। वह हालांकि सीमित ओवरों के प्रारूप में अपनी छाप छोड़ने के लिए उत्सुक होंगे।

भारत के वनडे तेज गेंदबाजी आक्रमण में जगह पाने की होड़ लगातार बढ़ती जा रही है। गुरनूर बराड़, प्रसिद्ध और आकिब नबी जैसे खिलाड़ी भी दावेदारों में शामिल हैं, जबकि जसप्रीत बुमराह की जगह पक्की बनी हुई है। इसलिए युवा तेज गेंदबाजों के लिए यह आखिरी वनडे मैच इस साल के अंत में न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की सीरीज से पहले अपनी दावेदारी मजबूत करने का एक और मौका होगा।

वेस्टइंडीज के पास आखिरी मौका
मुल्लांपुर में पहली बार पुरुषों का वनडे मैच खेला जा रहा है, ऐसे में गेंदबाजों को उम्मीद होगी कि यहां की पिच तिरुवनंतपुरम और गुवाहाटी की पिचों की तुलना में अधिक मददगार साबित होगी। वेस्टइंडीज भले ही सीरीज हार चुका है लेकिन उसके बल्लेबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। वेस्टइंडीज के लिए आखिरी वनडे सीरीज से कुछ हासिल करने का मौका है, क्योंकि दो हार के बावजूद उनकी बल्लेबाजी में काफी सुधार दिखा है। गुवाहाटी में उनके 405/7 के स्कोर में जॉन कैंपबेल, शाई होप और अमीर जांगू के शतक शामिल थे। मेहमान टीम के इतने बड़े स्कोर ने दूसरे वनडे को हाई-स्कोरिंग मुकाबला बना दिया, हालांकि आखिर में भारत की जीत ने उनके प्रयास को फीका कर दिया।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments